कोटा/पारीक पंचायत द्वारा कोटा शहर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भक्तिभाव से आज शुक्रवार को सांय 5.00 बजे निकाली जाएगी। प्रवक्ता राहुल पारीक ने बताया कि रथयात्रा को लेकर समाज व शहर में उत्साह है।
भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु श्रीपुरा स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर पर दोपहर से उपस्थिती दर्ज करवाते है और रथ यात्रा से पूर्व भगवान के संकीर्तन शामिल होकर उत्साह को दुगना बनाते है। पारीक पंचायत गत 18 वर्षों से निरंतर रथयात्रा का आयोजन करती है। अध्यक्ष रासबिहारी पारीक ने बताया कि रथयात्रा के प्रेरणा स्त्रोत स्व० प्रभु लाल जी दानजी वाले है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा तथा संरक्षक डा. के के पारीक एवं शीला पारीक का सानिध्य भी प्राप्त होगा। भगवान का होगा विशेष श्रृंगार, संर्कीतन में जुटेंगे
लोग महामंत्री अशोक पारीक ने बताया कि श्रीपुरा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से आयोजित रथयात्रा के पूर्व भगवान का संकीर्तन किया दोपहर 2 बजे किया जाता है जिसमें श्रद्धालु भगवान के भक्ति भाव से ढोलक, मृदंग, ताल, हारमोनियम, तबला आदि वाद्य यंत्रों से मंदिर परिसर में संकीर्तन के लिए सामूहिक रूप से एकत्रित होकर भक्तिभाव से भजन गाते है और संकीर्तन के माध्यम से लोग अपनी भक्ति और अनुराग को प्रकट करते है। महिला अध्यक्ष निर्मला पारीक व महामंत्री अनिता पारीक ने बताया कि रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र जी, व बहिन सुभद्रा का श्रृंगार फूलो से
किया जाता है। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहिन सुभद्रा मंगलाचार के साथ स्नान के बाद वस्त्र पहनाए जाते हैं। और फूलो से भव्य झांकी सजाई जाती है। भगवान जगनाथ को सजाने के लिए विशेष वस्त्र, आभूषण और अन्य सामग्री का उपयोग किया जाता है। सम्पूर्ण मंदिर परिसर को विद्युत आभा से सुशोभित किया जाता है। सांय 5.00 बजे भगवान जगन्नाथ नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे और सांय 07 बजे नगर भ्रमण कर मंदिर परिसर में भक्तो जुलूस के साथ पहुंचेंगे। जहां पारीक समाज के लोग महाआरती करेंगे। भगवान श्री जगदीश मंदिर श्रीपुरा पर नेत्रोत्सव मनाया कोषाध्यक्ष विनोद पारीक ने बताया कि गुरूवार को भगवान जगदीश मंदिर श्रीपुरा पर नेत्रोंत्सव विधि विधान से मनाया गया प्रातः 4500 बजे से संपूर्ण मंदिर परिसर को साफ- सफाई करने के पश्चात 500 बजे गर्भगृह को नीम पानी से सफाई की गई। ततपश्चात भगवान जगन्नाथ का विशेष श्रृंगार कर 5-30 बजे मंगला आरती की गई। 14 दिन तक भगवान के मात्र गाय का दूध, काली मिर्च, तुलसी और मिश्री का भोग लगाया गया था। नेत्रोत्सव के उपरान्त विशेष भोग की गई। शुक्रवार प्रातः से ही भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की धूम रहेगी दिन भर संकीर्ण के पश्च्यात सायं 5.50 पर भगवान जगननाथ भाई बलभद्र जी, बहिन सुभद्रा के साथ रथ पर बिराज कर विभन्न मागों से निकल कर आम जन को दर्शन देगे। सायं 7.30 पर मंदिर परिसर में पहुंचने उपरांत महाआरती व अन्य कार्यक्रम सम्पन्न होंगे।






