के डी अब्बासी
कोटा, 16 जून। रेलवे मे दिसम्बर माह मे मान्यता प्राप्त करने के लिए हुए गुप्त मतदान मे वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाॅईज यूनियन द्वारा मान्यता के लिए आवश्यक वोट प्राप्त न करने के कारण मान्यता को समाप्त कर दिया गया था एवं रेल प्रशासन द्वारा सभी सुविधाओं को वापस लेने एवं आवंटित कार्यालय से बेदखल करने के आदेश जारी कर दिये थे पंरतु उच्च न्यायालय जयपुर के अंतरिम आदेशानुसार वह संगठन रेलवे विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं का अनुचित लाभ ले रहा था। माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 27.05.2025 को ब्ॅच् छव. 1760ध्2025 की सुनवाई करते हुए रेलवे को कह कि दो सप्ताह मे पत्र का जवाब देकर निस्तारण कर दें। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय ने वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाॅईज यूनियन के महामंत्री को जवाब देते हुए कहा कि मान्यता के चुनाव मे निर्धारित वोट हांसिल न करने के कारण उनकी मान्यता रद्द हो गई थी एवं मान्यता मे नहीं होने के कारण उन्हे रेलवे विभाग से मिलने वाली सुविधाएॅ नहीं मिल सकती साथ ही रेलवे द्वारा आवंटित कार्यालय भी खाली करना होगा।
वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ कोटा मण्डल के मण्डल सचिव अब्दुल खालिक ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम आदेश को निरस्त करते हुए वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाॅईज यूनियन द्वारा दायर वाद को भी निरस्त कर दिया है। यह मुद्दा मुख्यालय स्तर पर पी.एन.एम. मीटिंग मे महाप्रबंधक के समक्ष उठाया गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए महाप्रबंधक जबलपुर ने आदेश जारी कर वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाॅईज यूनियन को रेलवे द्वारा दी जा रही सभी सुविधाओं को समाप्त करने एवं आवंटित कार्यालय को खाली करने के आदेश जारी कर दिये है।






