कोटा,9 मई । पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा में परम पूज्य आचार्य भगवन 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य गुरूदेव निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं प्रेरणा से आठ दिवसीय पुण्योदय सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर का छटवे दिवस पर शिविर संयोजिका अर्चना रानी जैन सर्राफ ने बताया कि नसियां जी में आज की प्रातः कालीन प्रवचन में पूज्य मुनि श्री 108 विभोरसागर जी महाराज श्री ने कहा की पुण्य के उदय से ही लक्ष्मी की प्राप्ति होती है पुण्य की दासी है लक्ष्मी इसीलिए पुण्य की क्रियो को कभी नहीं छोड़ना अधिक छल करने से अधिक लक्ष्मी की प्राप्ति होती है, ऐसा नहीं है क्योंकि लक्ष्मी का मिलना अथवा नहीं मिलना तो पुण्य-पाप के उदय से होता है। पुण्य का फल ऐसा हो सकता है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की हो ,जब तक भगवान ना बन जाए तब तक पुण्य करते रहना चाहिए ।।
अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि प्रवचनों के पश्चात सांगानेर से पधारे पंडित श्री पारस जैन शास्त्री ने तत्त्वार्थ सूत्र जी के स्वाध्याय व प्रश्नोत्तरी रत्नमालिका की कक्षा में सभी को बताया कि राष्ट्र के हित में ही हमारे धर्म का हित निहित है, राष्ट्र की रक्षा धर्म की रक्षा है और राष्ट्र से प्रेम धर्म से प्रेम है
|| धर्मो रक्षति रक्षितः |||| राष्ट्रहित सर्वोपरि ||
इसीलिए राष्ट्र के हित के लिए 9 बार णमोकार महामंत्र जरूर पढ़ना चाहिए संयोजक धर्मचंद जैन धनोप्या ने बताया कि जहां देव शास्त्र गुरु धर्म, अध्यात्म आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति का अद्भुत संगम से सांगानेर संस्थान से आए हुए विद्वानों के द्वारा निम्न कक्षाएं यहां पर चल रही हैं इष्टोपदेश ग्रंथ जी – अभिषेक जैन शास्त्रीजी , बालबोध भाग (1) एक, सौरभ सिद्धार्थ शास्त्री व रविन्द्र शास्त्री जी, छहढाला (पूर्वार्ध), दीपांशु शास्त्री, छहढाला (उत्तरार्द्ध), हेमन्त शास्त्री, बालबोध भाग ( 2) दो, शशांक शास्त्री, शुभम शास्त्री,आदि ग्रंथों के लाभ मिल रहा है |
निदेशक हुकम जैन काका ने बताया आज के अल्पाहार पुण्यार्जक पूजा मण्डल के सभी सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर महाराज श्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया कार्यकारणी ने पुण्यार्जक परिवार का तिलक माला दुप्पटे पगड़ी पहनाकर कर सम्मान किया कानूनी सलाहकार हुकमचन्द ने बताया आज भारत के सैन्यबल सुरक्षार्थ,राष्ट्र सुरक्षार्थ,विश्वकल्याण हो,इसी भावना से प्रात:13 पांडूशिलाओ पर 13 श्री जी के 13 झारी के द्वारा 13 पुण्यार्जको ने श्रीमान राजेंद्र जी हुकम जी प्रकाश जी हरसोरा, विवेक जी आनन्द जी ठोरा ,महावीर सिद्धार्थ जी मित्तल, चक्रेश जी कोटिया, धनराज जी सुरेश जेठानीवाल, सुमित्रा पंकज जी कंसल गोपाल जी वकील सा, जिनेन्द्र जी सोरभ जी ऋषभ जी मनीष जी जयंत जी मोहिवल जी ने शांति धारा करके पुण्योदय भक्तामर मण्डल समस्त सदस्यों के द्वारा विधान किया गया






