Saturday, April 18, 2026
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रामपुरा क्षेत्र में निगम द्वारा गाड़ीखाना में संचालित वाहन पार्किंग को बंद करने का विरोध

के डी अब्बासी

कोटा: रामपुरा क्षेत्र में पुराने गाड़ी खाने में चल रही वाहन पार्किंग को नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा बंद किए जाने के विरोध में स्थानीय निवासियों व व्यापारियों ने वाहन पार्किंग बंद किए जाने का पार्किंग के बाहर प्रदर्शन कर विरोध किया।

प्रशांत सक्सेना ने बताया की तत्कालीन विधायक प्रहलाद गुंजल जी द्वारा पुराना गाड़ीखाना लाडपुरा में वाहन पार्किंग का निर्माण करवाकर 6 अक्टूबर 2018 को इसका लोकार्पण कर स्थानीय निवासियों व व्यापारियों को वाहन पार्किंग की समस्या से राहत दिलवाई थी। उक्त पार्किंग में बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन पार्क होने से लोगों को बार-बार लगने वाले जाम व वाहन रखने की समस्या का समाधान हो सका था।

परन्तु दो वर्ष पूर्व नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा उक्त परिसर के पास पुराने बने हुए सामुदायिक भवन के जीर्णोधार के साथ ही नया निर्माण किया गया है। निगम द्वारा सामुदायिक भवन का व्यावसायिक उपयोग करने की मंशा के चलते वहां चल रही वाहन पार्किंग को बंद किया जा रहा है, जिसको लेकर स्थानीय निवासियों व व्यापारियों में आक्रोश है।

कोटा व्यापार महासंघ सचिव यश मालवीय ने कहा कि यहां सामुदायिक भवन से ज्यादा आवश्यकता वाहन पार्किंग स्टैंड की है उनका कहना है की रामपुरा पूर्ण रूप से व्यावसायिक बाजार है यहां पर स्थानीय निवासियों के अलावा बड़ी संख्या में व्यापारी भी अपने वाहनों को रखने की समस्या से ग्रसित हैं जिस कारण बाजारों में बार-बार जाम लगने की स्थिति उत्पन्न होती है। स्थानीय निवासियों व व्यापारियों की मांग पर तत्कालीन विधायक प्रहलाद गुंजल जी द्वारा गाड़ीखाने में पार्किंग का निर्माण करवा कर समस्या से निजात दिलाई थी।

स्थानीय निवासियों व व्यापारियों का कहना हैं कि नगर निगम कोटा उत्तर सामुदायिक भवन को व्यावसायिक उपयोग में लेने के चलते जनता की मूलभूत आवश्यकता वाहन पार्किंग स्टैंड को बंद करना चाह रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करके जो सामुदायिक भवन बनाया है उसे किराये पर देकर नगर निगम उसकी मोटी रकम वसूलना चाह रहा है जबकि पुराने शहर में रहने वाले गरीब व मध्यमवर्गीय लोग इस भवन का उपयोग नहीं कर पाएंगे व आने वाले समय में यह नगर निगम के धन की अनावश्यक बर्बादी साबित होगी। लोगो ने निगम आयुक्त से गाड़ी खाने में संचालित पार्किंग को यथावत चालू रखने की मांग की।

लोगो का कहना हैं कि एक वर्ष पहले भी पार्किंग को बंद करने का प्रयास किया गया था पर विरोध के चलते निगम ऐसा नहीं कर सका था। प्रदर्शन करने वालो में कोटा व्यापार महासंघ सचिव यश मालवीय, प्रशांत सक्सैना, स्थानीय निवासी प्रशांत मेहरा, राकेश जैन, विजय छाबड़ा, जाकिर हुसैन, नदीम मोहम्मद, पवन कछावा, पार्षद परवेज अख्तर शिब्बू, मेडिकल व्यवसायी राजीव जैन, जाहिद हुसैन, प्रतीक माथुर, अरविंद गुप्ता, भूपेश जैन, लीलेंद मेवाड़ा, त्रिभुवन माथुर, सनथ जैन सहित स्थानीय लोग व मेडिकल मार्केट व्यापारी उपस्थित थे।

 

*सामुदायिक भवन पर आय से आठ गुना ज्यादा खर्च कर रहा निगम*

लोगो का कहना हैं कि सामुदायिक भवन को बने दो साल हो गए हैं। निगम की इससे आय देखी जाए व इस पर होने वाला खर्च की तुलना की जाए तो यह निगम के लिए सफेद हाथी पालने जैसा है। लोगो ने कहा यहां साल में पांच बुकिंग से ज्यादा नहीं आ रही हैं। निगम ने इसका किराया जीएसटी सहित 18000/- रुपए प्रतिदिन रखा है । जिससे निगम को एक साल में लगभग 90000/- रुपए की आय हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ इसकी चौकीदारी के लिए 22000/- की तनख्वाह वाले तीन होमगार्ड तैनात किए हैं यानी 66000/- रुपए महीना के हिसाब से इसकी सुरक्षा पर खर्च सात लाख से अधिक। मतलब सामुदायिक भवन से प्रतिवर्ष आय लगभग 90000/- और उसकी सुरक्षा, साफ सफाई, बिजली सहित अन्य मदो पर खर्च से लगभग आठ लाख रुपए हो रहा है। जो निगम को हो रही आय का आठ गुना है।

पेड़ पार्किंग को तैयार हैं स्थानीय निवासी व व्यापारी*

स्थानीय निवासियों व व्यापारियों का कहना है कि यदि नगर निगम को पैसा ही चाहिए तो इसे पैड पार्किंग में बदल दे हम पैसा देने को पहले भी तैयार थे आज भी तैयार हैं।

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