पहलगाम की दुखद घटना पर दी साहित्यिक श्रद्धांजलि-
कोटा, गणेश उद्यान में आज कोटा के साहित्यकार और कलाकारों द्वारा आतंक वादी हमले में मारे गए भारतीय नौजवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की, इस अवसर पर गीतकार प्रेम शास्त्री ने ” थारे लारा हाथ करोड़ा तू तो दाग्या जा र गोला”, कवि गोरस प्रचण्ड ने कुछ मुक्तक , कवि अन्नुसिंह धाकड़ ‘धांसू’ ” ने धर्म अफीम है, यह सच है,वर्ना कौन कलमा पढ़वाकर , हल्क करता है इन्सान को ।” राम शर्मा ‘कापरेन’ ने *घर में घुस ग्या नीच अब तो जागो जी* गीत सुनाया , कवि तंवर सिंह हाड़ा’तारज ने “हर दिए में चिंगारिययों का सैलाब होगा” , डाॅ. शिव लहरी, ने ‘गीदड़ भभकियों से डराओ ना, सिंह सपूतों को’, कवि सुमंत भाटी ने ‘दोस्ती का तुझे हाथ हमने दिया, तुमने खंजर चलाया मेरे हाथ पे। कवि हेमराज’ हेम ने “जहाँ बहन, भार्या,जननी का,मान गिराया जाता हो”, कवि बंटी सुमन ने ‘धर्म हमारा पूछ- पूछ कर,निर्दोषों को मारा है’ कवि रूपनारायण’संजय ने ‘अब कश्मीर घाटियाँ बोली है,गोली के बदले गोली है’ रचनाएं सुनाई। सभा का संचालन राम शर्मा ‘कापरेन’ ने किया।अंत ठमकु रेस्टोरेंट के संस्थापक मुकेश जोशी ने सभी का आभार प्रकट किया गया। 






