Wednesday, September 16, 2026
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महिला सशक्तिकरण के लिए आध्यत्मिकता के ओर बढना दीदी पूर्णिमा

कोटा, शिवी डेवलपमेंट सोसायटी, दिल्ली द्वारा तीन दिवसीय राज्य स्तरीय महिला मानवधिकार क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, कोटा में रखी गई। परियोजना समन्वयक हनुमान सहाय शर्मा ने बताया की बूंदी जिले के तालेडा ब्लॉक के डाबी क्षेत्र के 50 गाँवों की 45 महिलाओं की भागीदारी रही।

शिवी संस्थान 2021 से बूंदी जिले के ब्लॉक तालेडा के डाबी क्षेत्र के 50 गाँव में महिला नेतृत्व वाली सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से राजस्थान के बूंदी जिले में शांति और लैंगिक न्याय को बढावा देन। परियोजना महिलाओं की अपने मानवाधिकारों को बढावा देने, उनकी रक्षा करने और उन्हें बनाए रखने की शक्ति और क्षमता को बढाना के लिए कार्य कर रही हैं। उन्हें ने बताया की स्थानीय स्तर पर महिलाओं में जागरूकता बढाने के लिए समुदायों सशक्त बनाना, जीवन में बदलाव लाना है

ब्रहह्माकुमारी से दीदी पूर्णिमा ने बताया की आध्यामित्कता के माध्यम से महिलाओं के जीवन में बदलाव करना है आध्यात्मिक ज्ञान मनुष्य को पतन की ओर बढ़ने से रोकता हैं। भौतिकता के कारण मनुष्य के अंदर जो अंधकार उत्पन्न होता है आध्यात्मिक ज्ञा नही उसे ईश्वर के आयाम और सृष्टि से सृजन को समझने में मदद कर सकता हैं। अध्यात्म के तीन प्रकार से है जैसे आस्तिकता. आध्यात्मिकता व धार्मिकता तत्वज्ञान की दार्शनिक विवेचनाओं में ईश्वर जीव, प्रकृति की विवेचना होती रहती है मनुष्यों द्वारा भक्ति योग, ज्ञान योग, कर्म योग को आध्यात्मिक प्रगति का आधार निरूपित किया जाता हैं

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो विभाग से ए.एस.आई असलम ने बताया की महिला सशक्तिकरण बहुत जरूरी है समय बदल रही है राजनीतिक क्षेत्र हो या सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र में महिला अपना योगदान दे रही है पहले से अब कानूनो में बदलाव हुआ। महिला संरक्षण एंव सुरक्षा के लिए धरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 बनाया गया है यह अधिनियम महिलाओं को घर के अंदर होने वाली हिंसा और दुर्व्यवहार से बचाने के लिए बनाया गया है

शिवी संस्थान दिल्ली के सचिव नरेन्द्र कुमार भारद्वाज ने बताया की महिला सशक्तिकरण बढाने के लिए समुदाय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत के साथ सक्षम बनाना है ताकि वे परिवार, समाज में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, भेदभाव और सीमित संसाधनों व आजीविका के संदर्भ में आवाज उठा सकें। कार्यशाला में उपस्थिति सन्दर्भओं ने भी अपने 2 विचार रखे सुरेंद्र सिंह तवर,जम्मू कुमार जैन एडवोकेट देवेन्द्र मीणा, डा. ज्योति, महिला विभाग से मंजू शर्मा, प्रवीण सिन्हा, ने महिलाओं के कानूनी अधिकार एवं उपचार, महिलाओं

के कानूनी अधिकारों, लैंगिक न्याय में महिलाओं का नेतृत्व कौशल इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। शिवी सस्थान से नाथू राम चौधरी, साजीद अली, सपना,सुनिता, दिनेश,अराधना भी उपस्थित रहे।

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