🙏कविता दिवस की बधाई 🙏
*कविता दिवस पर*
वीरानी वन की रहे ,या फिर भारी भीड़।
चित्त घाव अवसाद में,कविता मन का नीड़।
कविता मन का नीड़, भरोसा इससे मिलता ।
योजक बल है खूब, फटे मन को भी सिलता।
कहे ‘राम’ कवि राय, सदा कवि होता दानी।
शब्द छंद से राम , भगा दे हर वीरानी।
✍️राम शर्मा ‘कापरेन’
कोटा
कविता दिवस पर-राम शर्मा ‘कापरेन’






