मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने एक वर्ष में विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का एक उदाहरण है कोटा के सिटी मॉल में राजीविका मार्ट के माध्यम से स्वयं सहायता समूह को महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री।
कोटा के सिटी मॉल में खोले गए ‘राजीविका मार्ट’ में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए जूट बैग, मांडना पेंटिंग, जैविक शहद, प्राकृतिक साबुन और राजस्थानी ब्लॉक प्रिंट डायरी जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं। नाबार्ड और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित यह मार्ट महिलाओं को शहरी बाजार में अपने उत्पाद बेचने का सोधा अवसर प्रदान कर रहा है। जिला परिषद कोटा के सीईओ राजपाल सिंह और नाबार्ड के डीडीएम, रामप्रसाद शर्मा ने कहा कि
महिला उद्यमिता को बढावा देने के लिए एवं बिक्री कौशल को प्रोत्साहन देने के लिए यह एक आवश्यक एवं सराहनीय पहल है। इस पहल में डीपीएम नेहा चतुर्वेदी, यंग प्रोफेशनल सौम्या राणा और राजीविका जिला टीम के प्रयास भी अत्यंत सराहनीय हैं। महिला सशक्ति करण को धरातल पर उतारने की मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। पारदर्शिता और सुशासन के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए उन्होंने महिलाओं को सही मंच और अवसर प्रदान किए हैं। राजीविका मार्ट जैसी पहल ग्रामीण महिलाओं को शहरी बाजार में मंच देकर उनकी आय और आत्मविश्वास दोनों को बडा रही है।





