कोटा / विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर शहर की हेरिटेज से जुड़ी संस्थाओं हाड़ौती पर्यटन विकास समिति , इंटेक एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावाधान में 300 वर्ष प्राचीन पद्मनाभ मंदिर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम के आरंभ में किशोरपुरा दरवाज़े से पद्मनाभ मंदिर तक हेरिटेज वॉक हुई जिसमे संस्कृति शोधकर्ता पृथ्वीपाल सिंह सिरोहिया ने प्रतिभागियों को प्राचीन इमारतों के इतिहास एवं स्थापत्य कला की जानकारी दी। कोंटा में रियासत कालीन पद्मनाभ व चतुर्भुज नाथ जी के मंदिर खजुराहो (नागर) की वास्तु से प्रभावित है। यहां की वास्तु- मूर्ति कला में दक्षिण भारत की भी झलक मिलती है, सामान्यतया दक्षिण में पद्मनाभ भगवान की मूर्ति शयन मुद्रा में होती है, लेकिन यहां खड़ी हुई है,
इन दोनों मंदिरों का निर्माण 18 वीं शताब्दी में राज दरबार में प्रभावी धा भाई जसकरण ने करवाया था उस समय महाराव उम्मेद सिंह जी प्रथम का शासन था। कार्यक्रम के दूसरे चरण में पद्मनाभ मंदिर के प्रांगण में विख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना तीधा पाडुवल एवं कत्थक नृत्यांगना ऋद्धि मेहर ने भगवान कृष्ण एवं शिव के प्रसंग की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शहर में पहली बार खजुराहो उत्सव की तरह यह आयोजन मंदिर प्रांगण में किया
हाड़ौती पर्यटन विकास समिति के रवींद्र सिंह तोमर एवं सर्वेश हाड़ा ने बताया की इस तरह के उत्सव आगामी दिनों में शहर की महत्वपूर्ण इमारतों एवं चंबल रिवर फ्रंट पर किए जाने की योजना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी ने कोटा को अगला पर्यटक गंतव्य बनाने के लिए इस तरह के उत्सव लगातार करने की बात कही इस अवसर पर अशोक जैन, निखिलेश सेठी, डॉक्टर बी एल गोचर, डॉक्टर सुधीर गुप्ता, शिव भड़क, पर्यटन निदेशक विकास पांड्या आदि लोग मौजूद थे।





