सोमवार संध्या 4:00 बजे परम पूज्य आचार्य श्री महिमा सागर जी महाराज ससंघ का आगमन श्री मिथिलापुरी जी तीर्थ क्षेत्र, नेपाल बॉर्डर, सुरसंड, सीतामढ़ी, बिहार में हुआ । आचार्य श्री के संघ में तीन मुनिराज तथा तीन आर्यिका माताजी हैं।
उल्लेखनीय हो कि भगवान मल्लिनाथ स्वामी तथा भगवान नमिनाथ स्वामी के चार-चार कल्याणक से सुशोभित श्री मिथिला पुरी जी तीर्थ की पुनर्स्थापना 2021 में नेपाल बॉर्डर पर की गई है । जहां पर प.पू.आर्यिका ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से दोनों भगवान के चरण स्थापित किए गए हैं तथा आचार्य श्री प्रमुख सागर जी महाराज के सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठित चतुर्थ कालीन सम तीन भगवान की प्रतिमाओं को वेदी शुद्धी करके विराजमान कराया गया था । इस तीर्थ पर तीर्थ स्थापना के बाद से तीर्थ की वंदना हेतु पूरे देश भर से यात्रियों का लगातार तांता लगा हुआ है। सभी इस क्षेत्र पर आकर, इस क्षेत्र की वंदना कर अपने आप को धन्य मान रहे हैं ।
आचार्य श्री महिमा सागर जी महाराज संघ का विहार शिखर जी से मंदारगिर, जमुई जी, राजगीर, पावापुरी, कुंडलपुर, गुणांवा, कमलदह जी, वैशाली जी होते हुए श्री मिथिलापुरी जी तीर्थ पर आज पहुंचा है। आचार्य श्री के यहां दो दिन रहने की संभावना है ।
मिथिला पुरी जी में भगवान आदिनाथ, भगवान मल्लिनाथ और भगवान नमिनाथ स्वामी की 35 फीट ऊंची विशाल खडगासन प्रतिमा भी हो रही है स्थापित। जिसका पंचकल्याणक चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में 2024 के अंत में होने की संभावना है।




