श्री हिंदी साहित्य समिति कोटा की मासिक काव्य गोष्ठी व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर कमलेश कमल द्वारा अपने आवास पर आयोजित की गई।इस काव्य गोष्ठी में पावस की फुहारों पर आधारित कविताओं से सभी को आनंदित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध गजलकार भगवत सिंह मयंक शोभायमान थे। विशिष्ट स्थिति के बाल साहित्यकार भगवती प्रसाद गौतम विराजमान रहे। संचालन अंतरराष्ट्रीय हिंदी अधिष्ठाता डॉ अपर्णा पांडे ने अपने चुटीले अंदाज में किया। मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती का पूजन करने के बाद वंदना भगवत सिंह मयंक ने की।
इस अवसर पर कमलेश कमल राममोहन कौशिक, दीनानाथ त्रिपाठी, कालीचरण राजपूत, रामेश्वर शर्मा, सुरेंद्र सिंह गौड़,तेजस नरवार,अरविंद पांडे, देशबंधु पांडे,तंवर सिंह हाड़ा, रघुनंदन हटीला, हेमराज सिंह हेम, जोधराज मधुकर विभिन्न रसों की कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया।मचासीन अतिथियों ने अपना उद्बोधन दिया और कविताएं भी सुनाई। बाहर हल्की बरसात की फुहारें पड़ रही थीं तो अंदर ठंडी ठंडी फुहारों से कविताएं सराबोर हो कर श्रोताओं को आनंदित कर रही थी
प्रस्तुत कर्ता – डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी





श्री हिंदी साहित्य समिति कोटा की मासिक काव्य गोष्ठी व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर कमलेश कमल द्वारा अपने आवास पर आयोजित की गई।इस काव्य गोष्ठी में पावस की फुहारों पर आधारित कविताओं से सभी को आनंदित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध गजलकार भगवत सिंह मयंक शोभायमान थे। विशिष्ट स्थिति के बाल साहित्यकार भगवती प्रसाद गौतम विराजमान रहे। संचालन अंतरराष्ट्रीय हिंदी अधिष्ठाता डॉ अपर्णा पांडे ने अपने चुटीले अंदाज में किया। मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती का पूजन करने के बाद वंदना भगवत सिंह मयंक ने की।
इस अवसर पर कमलेश कमल राममोहन कौशिक, दीनानाथ त्रिपाठी, कालीचरण राजपूत, रामेश्वर शर्मा, सुरेंद्र सिंह गौड़,तेजस नरवार,अरविंद पांडे, देशबंधु पांडे,तंवर सिंह हाड़ा, रघुनंदन हटीला, हेमराज सिंह हेम, जोधराज मधुकर विभिन्न रसों की कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया।मचासीन अतिथियों ने अपना उद्बोधन दिया और कविताएं भी सुनाई। बाहर हल्की बरसात की फुहारें पड़ रही थीं तो अंदर ठंडी ठंडी फुहारों से कविताएं सराबोर हो कर श्रोताओं को आनंदित कर रही थी