Kota। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष और एसोसिएट डीन प्रो. दिनेश बिरला को डीन फैकल्टी अफेयर्स का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वर्तमान में प्रो. बिरला डीन स्टूडेंट वेलफेयर पद पर भी कार्यरत है। आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कुलपति प्रोफेसर एस.के.सिंह द्वारा इस आशय के आदेश जारी किए गए है। प्रो. बिरला ने आज वर्तमान डीन फैकल्टी अफेयर्स प्रो. एके द्विवेदी से अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर डॉ. बिरला नें कुलपति प्रोफेसर एस.के.सिंह का आभार प्रकट किया और कुलपति प्रो. सिंह ने उन्हें शुभकामनाएं प्रदान की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की विभागाध्यक्ष और डीन भी उपस्थित थे। कुलपति प्रो. एसके सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। वैश्विक मापदंड के अनुरूप उच्च गुणवत्तापूर्ण और बहु विषयक अनुसंधान केंद्रित शिक्षण के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर प्रो. बिरला कुलपति महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की डीन फैकल्टी अफेयर्स के रूप में उनका प्रयास रहेगा की शोध-अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ उच्च शिक्षा के निहित लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। उनका प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों के हितों को सुनिश्चित करते हुए वह फैकल्टी डवलपमेंट और तकनीकी शिक्षा के शिक्षको हेतु नवाचार-नव योजनाओ और शोध अनुसन्धान सहित विभिन्न विषयों सहित शिक्षको के समग्र विकास पर कार्य करे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वास जताया कि वे विश्वविद्यालय में पारदर्शी तरीके से अन्य सभी अधिकारियों, अन्य सहयोगियों, विद्यार्थियों और सम्बंधित विभागों में सामंजस्य रख कर सभी के सहयोग से तय नियमों से सबके साथ मिलकर माननीय कुलपति द्वारा सौंपे दायित्व से विश्वविद्यालय को प्रगति के पथ पर और अग्रसर होने के लिए कार्य करेंगे । एक सफल शिक्षक, सलाहकार और मार्गदर्शक के रूप में वह अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रतिबद्धता के साथ शिक्षकों हेतु उत्कृष्ट अकादमिक वातावरण का निर्माण करेंगे। नवाचार और मजबूत शिक्षण और शोध-अनुसंधान कार्यक्रम विकसित कर आटीयू के जीवित शैक्षिक संस्कृति के सृजन की दिशा में मजबूती के साथ काम करेंगे। इस अवसर पर प्रो. बिरला ने कहा कि संकाय सदस्य विश्वविद्यालय के आधार स्तंभ हैं। उनका प्रयास रहेगा कि संकाय सदस्यों के हितों का संरक्षण करते हुए उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें अकादमिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि डीन फैकल्टी अफेयर्स होने के नाते शिक्षकों के हित में चलाई जा रही योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में वह काम करेंगे। शिक्षकों के आपसी सौहार्दपूर्ण संबंधों को विकसित करते हुए शोध-अनुसंधान का व्यापक माहौल बनाने की दिशा में वह काम करेंगे। डॉ. प्रो. बिरला की नियुक्ति पर विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों, विभिन्न शिक्षाविदों, तकनीकी शिक्षा से जुड़े हितधारकों और शुभचिंतकों नें शुभकामनाएं प्रदान की और उन्होंने सभी का आभार प्रकट किया।






