कोटा शैली में शम्भूसिंह चौबदार ने उकेरी मतदान करती नायिका की अनूठी पेंटिंग, कला के जरिए दिया लोकतंत्र का संदेश
कोटा। हाड़ौती की समृद्ध चित्रकला परंपरा को समसामयिक विषयों से जोड़ते हुए चित्रकार शम्भूसिंह चौबदार ने कोटा शैली में मतदान करती हुई नायिका की अनूठी पेंटिंग तैयार की है। इस चित्र के माध्यम से मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान करने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया है। पंचायती राज चुनाव के मद्देनजर तैयार की गई यह पेंटिंग पारंपरिक कला और लोकतांत्रिक जागरूकता का सुंदर संगम है।
चित्रकार शम्भूसिंह चौबदार के अनुसार, कोटा शैली और हाड़ौती की पारंपरिक कलम में बारहमासा, ऋतु-वर्णन, रागमाला तथा विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर अनेक चित्र बनाए जाते रहे हैं। इसी परंपरा से प्रेरणा लेते हुए उनके मन में मतदान करती हुई नायिका का चित्र बनाने का विचार आया। उनका उद्देश्य था कि पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से आमजन को मतदान के प्रति जागरूक किया जाए और लोकतंत्र के इस महत्त्वपूर्ण पर्व में अपनी भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाए।
देसी रंगों, हस्तनिर्मित कागज और स्वर्ण कलमकारी का प्रयोग
इस पेंटिंग को तैयार करने में पारंपरिक चित्रकला की विधियों और सामग्री का विशेष ध्यान रखा गया है। चित्र में देसी रंगों तथा हस्तनिर्मित कागज का प्रयोग किया गया है। साथ ही, स्वर्ण कलमकारी के माध्यम से इसे पारंपरिक कलात्मक स्वरूप प्रदान किया गया है। इन विशेषताओं के कारण यह पेंटिंग केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि हाड़ौती की सांस्कृतिक विरासत को समकालीन सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास भी है।
कला के माध्यम से राजकार्य में योगदान
शम्भूसिंह चौबदार का मानना है कि कोटा शैली के माध्यम से मतदान के प्रति प्रेरणा देना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उनके अनुसार, मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से बनाई गई यह पेंटिंग राजकार्य में अपनी ओर से आहुति देने के समान है। जिस प्रकार पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से पहले जीवन, ऋतुओं, संगीत और सामाजिक परंपराओं को अभिव्यक्त किया जाता था, उसी प्रकार आज की आवश्यकताओं और जनहित के विषयों को भी इस कला के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।
पंचायती राज चुनाव के समय इस चित्र का निर्माण करने के पीछे भी यही भावना है कि अधिक से अधिक लोग मतदान के महत्त्व को समझें और अपने मताधिकार का उपयोग करें।
परंपरा के रंगों में लोकतंत्र की अभिव्यक्ति
शम्भूसिंह चौबदार की यह पहल दर्शाती है कि पारंपरिक कला केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान समाज को सकारात्मक संदेश देने का सशक्त माध्यम भी है। मतदान करती हुई नायिका की यह पेंटिंग कोटा शैली की कलात्मक विशिष्टता को उजागर करने के साथ-साथ नागरिकों को लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व का स्मरण भी कराती है।
इस प्रकार, हाड़ौती की पारंपरिक चित्रकला के रंगों में सजा यह संदेश लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने और कला को जनजागरूकता से जोड़ने की एक सार्थक पहल है।






