सूक्ष्म लेखन कला में सत्यनारायण गोचर ने रचे अनूठे कीर्तिमान
चावल के एक दाने पर राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और मंत्रों का लेखन; गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हैं उपलब्धियां
बिगुल जैन✍️
अन्ता (बारां)। राजस्थान के बारां जिले के अन्तर्गत अन्ता निवासी शिक्षक सत्यनारायण गोचर ने अपनी अद्भुत सूक्ष्म लेखन कला और रचनात्मक प्रतिभा से क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी कला का विशेष आकर्षण अत्यंत छोटे आकार में धार्मिक ग्रंथों, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत एवं मंत्रों का लेखन है। उनकी अनेक उपलब्धियां गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड 0 श्लोकों का लेखन। यह उपलब्धि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।
मात्र 1.50 × 2.00 सेंटीमीटर आकार की अति लघु पुस्तिका में संपूर्ण सुंदरकांड का लेखन, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है।
चावल के एक दाने पर भारत के राष्ट्रगान का लेखन, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।
चावल के एक दाने पर भारत के राष्ट्रगीत का लेखन, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
मिट्टी के पारंपरिक बर्तनों के 41 लघु मॉडल तैयार कर उन्हें एक माचिस की डिब्बी में समाहित करना। इन सभी मॉडलों का कुल वजन मात्र 39 ग्राम है। यह उपलब्धि भी गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
इन उपलब्धियों के अतिरिक्त गोचर ने चावल के अलग-अलग दानों पर गायत्री मंत्र, णमोकार मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र का सूक्ष्म लेखन किया है। उन्होंने चावल के दानों पर हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा, विंध्येश्वरी चालीसा एवं गायत्री चालीसा की चौपाइयों का भी लेखन किया है। प्रत्येक चावल के दाने पर एक चौपाई अंकित करना उनकी अद्भुत एकाग्रता, धैर्य और सूक्ष्म कला का परिचायक है।
उनकी विशिष्ट प्रतिभा एवं रचनात्मक कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तर पर दो बार, ब्लॉक स्तर पर एक बार तथा संकल्प क्रांति, कोटा द्वारा एक बार सम्मानित किया जा चुका है। सत्यनारायण गोचर की उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास, धैर्य और समर्पण के बल पर मनुष्य असाधारण कार्य कर सकता है। एक शिक्षक के रूप में उनका यह रचनात्मक प्रयास विद्यार्थियों और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।






