भारत सिंह चौहान✍️
कोटा। ओम कोठारी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण को याद करते हुए योग की महत्ता को स्थापित करने एवं विद्यार्थियों को अपने मन, विचारों, भावनाओं, एकाग्रता, तनाव और मानसिक शांति को समझने का व्यावहारिक अवसर देने हेतु मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र का शुभारंभ किया गया। इसके अंतर्गत विचार प्रयोगशाला की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से अलग-अलग ध्यान तकनीक का परिचय और अनुभव करवाया गया। साथ ही आधुनिक तकनीक पर आधारित इसेंस माइंडफील्ड और वीआर बॉक्स के माध्यम से उन्हें अपने मन और शरीर की प्रतिक्रियाओं को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा।
मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र और विचार प्रयोगशाला का शुभारंभ ओम कोठारी फाउंडेशन की मैनेजमेंट ट्रस्टी श्रीमती सीमा कोठारी एवं ब्रह्माकुमारी कोटा संभाग की प्रभारी उर्मिला दीदी ने रिबन खोलकर किया। इस अवसर पर संस्थान निदेशक डॉ अमित सिंह राठौड़, प्राचार्या डॉ स्नेहलता धर्मावत, डॉ गीता गुप्ता, मैनेजमेंट एचओडी श्री मोहित पंत, आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ मीनल शाह जैन, एनएसएस कोऑर्डिनेटर प्रतीक गुप्ता, उर्मिला दीदी के साथ पधारे ब्रह्माकुमारी कोटा सेंटर के सदस्य, व्याख्याता एवं विद्यार्थी गण मौजूद रहे।
सर्वप्रथम भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा को माल्यार्पण कर उनकी आरती की गई। इसके पश्चात मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र और विचार प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया।
अतिथियों के स्वागत के बाद इस अवसर पर एक भक्तिमय कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने श्री कृष्ण भगवान को भजनों, नृत्यों के माध्यम से याद कर उनकी शिक्षाओं को समझा।
संस्थान निदेशक डॉ अमित सिंह राठौड़ ने स्वागत भाषण के माध्यम सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों में एकाग्रता, आत्म जागरूकता, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, मानसिक शांति और बेहतर कार्य क्षमता विकसित की जा सकेगी। आज के समय में तनाव सभी के जीवन का एक प्रमुख हिस्सा बन गया है। इस मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के जरिए योग एवं ध्यान द्वारा तनाव को कम करके सफलता की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं और विभिन्न रोगों से मुक्ति भी पाई जा सकती है। उन्होंने इसेंस माइंडफील्ड और वीआर बॉक्स के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि इसेंस माइंडफील्ड के माध्यम से विद्यार्थी तनाव और विश्राम से जुड़ी शारीरिक प्रतिक्रियाओं को देख सकते हैं जबकि वीआर बॉक्स उन्हें आभासी वातावरण के माध्यम से अनुभव आत्मक सीखने का अवसर देता है। ध्यान तकनीक के माध्यम से वे अपने विचारों, भावनाओं और एकाग्रता को समझने का अभ्यास कर सकते हैं। उन्होंने सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देते हुए भगवान श्री कृष्ण के कर्म के सिद्धांत को विद्यार्थियों को अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे हाथ में सिर्फ कर्म करना है फल अपने आप मिल जाएगा। इसलिए फल की चिंता नहीं करनी चाहिए।
श्रीमती सीमा कोठारी जी ने विद्यार्थियों को श्री कृष्ण की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को इस अवसर पर आशीर्वचन देते हुए कहा कि इस केंद्र के माध्यम से विद्यार्थी सकारात्मक ऊर्जा को महसूस कर अपने लक्ष्यों के प्रति अधिक उन्मुख हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि ओम कोठारी संस्थान सदैव विद्यार्थियों के हित में कार्य करता है और करता रहेगा।
उर्मिला दीदी ने भी विद्यार्थियों को योग के माध्यम से अपने जीवन के मुख्य उद्देश्यों की ओर आगे बढ़ाने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और योग जीवन के प्रमुख अंग है। इनके माध्यम से विद्यार्थी अपने सफल जीवन की नई इबारत लिख सकते हैं। उन्होंने संस्थान निदेशक डॉ अमित सिंह राठौड़ को बधाई देते हुए कहा कि इस तरीके के केंद्र की विद्यार्थियों हेतु नितांत आवश्यकता है। इसके माध्यम से बेहतर तनाव प्रबंधन में सहायता मिलेगी।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों की टीमों ने उत्साह के साथ भाग लिया। हल्की बारिश के मध्य में विशाल एंड ग्रुप ने मटकी फोड़ी और सारा परिसर श्री कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता प्रतीक गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के पश्चात सभी विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया।






