मनखपणां की रीत सुहाणी म्हांका राजस्थान की..।
रोटेदा 30 अगस्त / अखिल भारतीय साहित्य परिषद सम्पर्क केन्द्र कापरेन व हाडीराणी साहित्य अर संस्कृति समिति काव्य कुंज रोटेदा सहित मायड़ भाषा साहित्य सिरजण मंच टाकरवाड़ा- बूढादीत त्रिवेणी संस्था संगम के संयुक्त तत्वावधान मे काव्य कुंज रोटेदा मे सैनाणी राजस्थानी मासिक ई पत्रिका के छठे अगस्त अंक का लोकार्पण व काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा कवि मुकेश गोतम ने की। मुख्य अतिथि लोकेश कुमार आजाद व विशिष्ट अतिथि पुष्कर चोधरी रहे।
माँ सरस्वती के दीप प्रज्जवलन के बाद सत्यप्रकाश गौतम ने मां की वन्दना से कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की और अतिथि साहित्यकारों सहित समिति के सभी रचनाकारों द्वारा सैनाणी राजस्थानी मासिक ई पत्रिका का विमोचन किया गया। काव्य गोष्ठी मे कवि सत्यप्रकाश गौतम ने हाय- हाय रे स्कूटी उस पर बेठी एक क्यूटी…। हास्य गीत सुनाकर बहुत हंसाया।समिति सचिव कवि मनीष मेहरा ने देश हित संघ निष्ठा को अपनी रचना मे शब्द दिये। हर बुरे समय की जंग है, हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है…। मुख्य अतिथि लोकेश आजाद ने मानव केसे बच पायेगा…। प्रकृति के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। बाल कवि अंशुल गौतम ने देश रंगीलो भारत म्हारो रंगीला नर नार…।संस्कृति गीत से वाह वाही लूटी।कार्यक्रम अध्यक्ष मुकेश गोतम ने भारत माँ का प्यारा सपूत..। शहीद पर बहुत ही मार्मिक चित्रण करते हुये ओज रस से हूँकार भर देश भक्ति जगाई। दीपेश सुमन ने मनखपणां की रीत सुहाणी म्हांका राजस्थान की गीत से राजस्थान के प्रेम सौहार्द को अंकित किया। विशिष्ट अतिथि पुष्कर चोधरी ने अध्यात्म रचना से गोष्ठी को ऊँचाईयाँ दी। सैनाणी संपादक साहित्यकार देवकी दर्पण ने मत तरसावो रस बरसावो,रंगीला भरतार, नूत झिमाबो च्हावै थांनै प्रीत की हुंलार……।मौसम अनुरूप श्रृंगार रस के गीत मे डुबोया। गोष्ठी का संचालन युवा कवि दीपेश सुमन ने किया।








