विशेष संवाददाता : भारत सिंह चौहान✍️
कोटा, 30 अगस्त।कोटा नगर निगम चुनाव में टिकट की तस्वीर अब किसी भी वक्त साफ हो सकती है। नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार 31 अगस्त को दोपहर 3 बजे है और रविवार के अवकाश के कारण दावेदारों के पास अब सिर्फ सोमवार का आधा दिन बचा है। भाजपा और कांग्रेस ने भले ही अभी तक अपनी अधिकृत सूची सार्वजनिक नहीं की हो, लेकिन कलेक्ट्रेट में नामांकन का सिलसिला तेज हो गया है। अब तक 46 नामांकन दाखिल हो चुके हैं। शनिवार को ही करीब 40 दावेदारों ने पर्चे दाखिल कर दिए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इनमें से अधिकांश दावेदारों को संबंधित दलों से ‘ग्रीन सिग्नल’ मिल चुका है। दोनों प्रमुख दलों ने संभावित बगावत को रोकने के लिए इस बार सार्वजनिक सूची जारी करने के बजाय चयनित प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना देकर नामांकन दाखिल कराने की रणनीति अपनाई है।
सूची नहीं आई, लेकिन मैदान में उतरने लगे दावेदार
कांग्रेस समर्थित दावेदारों में वार्ड 51 (आरके पुरम) से योगेश विजय, वार्ड 50 से अनुराग गौतम और वार्ड 91 से विशाल मेवाड़ा ने नामांकन दाखिल किया है। वार्ड 6 से मसूद अली अंसारी, वार्ड 18 से मुस्कान भील तथा वार्ड 61 से धारणा शर्मा ने भी पर्चे भरे हैं।
एससी महिला आरक्षित वार्ड 32 से निवर्तमान पार्षद महेंद्र वर्मा ने अपनी माता एवं पूर्व पार्षद राममूर्ति वर्मा का नामांकन कराया है। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष स्व. मदनलाल सैनी की पुत्री शकुंतला सैनी ने वार्ड 75 से दावेदारी जताई है।
नामांकन के बाद 1 सितंबर को एडीएम कक्ष में संवीक्षा होगी।
भाजपा ने करीब 90 वार्डों में तय किए नाम
भाजपा ने मैराथन बैठकों और सर्वे के बाद करीब 90 वार्डों में प्रत्याशियों के नाम तय कर हरी झंडी दे दी है। शेष करीब 10 सीटों पर पुनः मंथन कर तथा विपक्षी दल के प्रत्याशी को देखकर अंतिम निर्णय लेने की रणनीति अपनाई जा रही है।
पार्टी सर्वे के आधार पर करीब 20 पूर्व पार्षदों को दोबारा मौका मिलने की संभावना है। इसके अलावा 8-10 पूर्व एवं वर्तमान पार्षदों की पत्नियों को भी टिकट दिए जाने की चर्चा है।
भाजपा की रणनीति में संगठन के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ ऐसे चेहरों को प्राथमिकता देने पर जोर है, जिनकी अपने वार्ड में व्यक्तिगत पकड़ मजबूत है।
कांग्रेस में टिकट की खींचतान, मामला एआईसीसी तक
दूसरी ओर कांग्रेस में टिकटों को लेकर खींचतान जारी है। मामला एआईसीसी तक पहुंचने के बाद समन्वय के लिए राष्ट्रीय महासचिव एवं सह-प्रभारी पूनम पासवान की अध्यक्षता में जयपुर में बैठक आयोजित की गई।
वार्ड 41 से मंगल कुमार तंबोली ने पार्टी से सिग्नल मिलने के आधार पर नामांकन दाखिल किया है। वहीं ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष दीपक नामदेव सहित सात नेताओं द्वारा अपनी दावेदारी वापस लिए जाने की भी चर्चा है।
कांग्रेस में अंतिम समय तक कई वार्डों में समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।
टिकट का फार्मूला: निष्ठा + पकड़ + समीकरण = जिताऊ चेहरा
दोनों दल प्रत्याशी चयन में इस बार केवल संगठनात्मक निष्ठा को ही आधार नहीं बना रहे, बल्कि ‘जिताऊ चेहरे’ पर सबसे अधिक जोर है।
सोमवार 3 बजे खुलेगा सियासी पिटारा
नगर निगम चुनाव में अब सबसे ज्यादा निगाहें सोमवार दोपहर 3 बजे पर टिकी हैं। जिन संभावित प्रत्याशियों को पार्टी की ओर से हरी झंडी मिल चुकी है, वे सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
पार्टी स्तर पर यह रणनीति बनाई जा रही है कि अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न संबंधी औपचारिकता सीधे निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पूरी कराई जाए। इसका उद्देश्य अंतिम समय में होने वाली बगावत और निर्दलीय प्रत्याशियों के रूप में सामने आने वाले असंतोष को नियंत्रित करना है।
यही वजह है कि संभावित प्रत्याशियों से लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं तक सभी को सोमवार दोपहर 3 बजे का इंतजार है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होते ही तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी कि किस वार्ड में किसके सामने कौन मैदान में है।
कहीं मुकाबला आमने-सामने होगा, तो कहीं त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बन सकती है। कुछ वार्डों में बागी और निर्दलीय प्रत्याशी भी प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशियों का गणित बिगाड़ सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल
क्या सोमवार दोपहर 3 बजे तक भाजपा और कांग्रेस अपने सभी पत्ते खोल देंगी, या कुछ वार्डों में अंतिम क्षण तक सियासी ‘सस्पेंस’ बरकरार रहेगा?
फिलहाल दोनों दलों के संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं और कोटा की चुनावी राजनीति की निगाहें सोमवार दोपहर 3 बजे पर टिकी हैं।






