सन्मानपुरा में राजस्थानी गीतकार देवकी दर्पण को मिला ‘ग्रामीण सम्मान-2026’
इटावा। इटावा क्षेत्र के सन्मानपुरा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ‘ग्रामीण सम्मान-2026’ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ गीतकार एवं कवि देवकी दर्पण को ग्रामीणों की ओर से माला, साफा एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। मंच संचालन करते हुए कवि महावीर रेनवाल ने अतिथि सत्कार की परंपरा का निर्वहन किया। समारोह की अध्यक्षता सेवानिवृत्त व्याख्याता बालमुकुंद नागर ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सांवर लाल नागर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में गोपाल नागर, सीताराम शर्मा, लखन राजौरा एवं प्रेम बिहारी शामिल रहे।
राजस्थानी गीतों ने बांधा समां
सम्मान समारोह के दौरान राजस्थानी गीतकार देवकी दर्पण ने अपने चर्चित राजस्थानी गीत ‘म्हारी दांयी कळाई पर राखी बांध बणा’ और ‘म्हारो करसो छ रोट्या को देवाड’ प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं कवि महावीर रेनवाल ने ‘घणी घणी समझावं अब तो मत पीवो जी दारू’ सहित कुंवारे जीवन की पीड़ा पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर दाद दी।
कार्यक्रम के संयोजक कवि रूपनारायण शर्मा ‘संजय’ ने अपने मुक्तकों के माध्यम से हास्य और व्यंग्य का रंग भरते हुए श्रोताओं को खूब हंसाया और ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
ग्रामीणों ने किया सम्मान
समारोह में ग्रामीण बंधुओं की ओर से राजस्थानी गीतकार देवकी दर्पण को माला पहनाकर, साफा धारण करवाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर ‘ग्रामीण सम्मान-2026’ प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने देवकी दर्पण के राजस्थानी साहित्य एवं लोकभाषा के क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
समारोह में प्रेम बिहारी, ब्रजमोहन गोचर, तुलसीराम नागर, रामनरेश, महावीर नागर, निमेष प्रजापति, महावीर, दीनदयाल नागर, केशव शर्मा, मुकेश नागर, प्रेमशंकर, रामाकांत, बद्रीलाल सुमन, मुकुट बैरवा, मुलचंद कटारिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
अंत में समारोह के अध्यक्ष बालमुकुंद नागर ने सभी कवियों, अतिथियों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने ग्रामीण परिवेश में राजस्थानी भाषा, साहित्य और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।






