‘कोटा डेवलपमेंट डायलॉग’ के बाद त्वरित फैसला, किसानों, भू-स्वामियों और रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बड़ा लाभ
कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के आसपास स्थित 8 राजस्व ग्रामों में कृषि भूमि के अकृषि रूपांतरण (धारा 90-ए) और भू-उपयोग परिवर्तन पर जुलाई 2024 से लागू अस्थायी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस निर्णय से क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेश को गति मिलने के साथ किसानों, भू-स्वामियों और निवेशकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
प्राधिकरण ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए आवश्यक भूमि आवंटित हो चुकी है और निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में अब इन गांवों में भूमि रूपांतरण पर रोक बनाए रखने का औचित्य नहीं रहा। इसलिए आधिकारिक आदेश जारी कर प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया।
यह मुद्दा हाल ही में प्राधिकरण आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित ‘कोटा डेवलपमेंट डायलॉग’ में प्रमुखता से उठाया गया था, जिसमें शहर के लगभग 40 प्रमुख बिल्डर्स और निवेशकों ने भाग लेकर रोक हटाने की मांग की थी।
KDA सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि बैठक में उठाए गए सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। नियमानुसार परीक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया है ताकि कोटा में निवेश-अनुकूल वातावरण को और मजबूत बनाया जा सके।
रोक हटने से बल्लोप, जाखमुण्ड, कैथूदा, देवरिया, तुलसी, बालापुरा, शम्भूपुरा और रामपुरिया सहित आठ राजस्व ग्रामों में भूमि रूपांतरण और विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे रियल एस्टेट, आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं को गति मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सोशल मीडिया कैप्शन
KDA का बड़ा फैसला! ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निकट स्थित 8 राजस्व ग्रामों में धारा 90-ए के तहत भूमि रूपांतरण पर लगी रोक हटा दी गई है। इससे किसानों, भू-स्वामियों, बिल्डर्स और निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी तथा क्षेत्र में विकास और निवेश को नई रफ्तार मिलेगी।






