शहर के बीचों-बीच तीन मंजिला कॉमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग, ब्रोंटो स्काई लिफ्ट डेढ़ से दो घंटे बाद पहुंची
कोटा। शहर के मध्य स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में आग लगने की घटना के दौरान फायर सिस्टम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं, लेकिन तीसरी मंजिल तक प्रभावी ढंग से आग बुझाने के लिए आवश्यक ब्रोंटो स्काई लिफ्ट समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार, आग ऊपरी मंजिल पर लगी थी, जहां तक सामान्य दमकलों की पहुंच सीमित थी। ऐसे में ब्रोंटो स्काई लिफ्ट की आवश्यकता महसूस की गई, लेकिन उसे संचालित करने के लिए मौके पर कोई चालक उपलब्ध नहीं था। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ से दो घंटे बाद ब्रोंटो स्काई लिफ्ट मौके पर पहुंच सकी। तब तक दमकल कर्मियों ने अन्य संसाधनों की मदद से काफी हद तक आग पर काबू पा लिया था।
हालांकि आग पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन इस घटना ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से उपलब्ध आधुनिक ब्रोंटो स्काई लिफ्ट होने के बावजूद यदि उसके संचालन के लिए स्थायी चालक उपलब्ध नहीं है, तो आपात स्थिति में इसका लाभ समय पर कैसे मिल पाएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाओं में ब्रोंटो स्काई लिफ्ट जैसी अत्याधुनिक मशीनें बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में चालक की अनुपलब्धता के कारण मशीन का समय पर उपयोग नहीं हो पाना भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
करोड़ों रुपये की ब्रोंटो स्काई लिफ्ट के लिए स्थायी चालक क्यों नहीं है?
आपातकालीन स्थिति में चालक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की क्या व्यवस्था है?
यदि आग और अधिक भीषण होती या लोगों की जान जोखिम में होती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?






