कोटा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार रात कोटा में प्रस्तावित कांग्रेस का कैंडल मार्च विजय जुलूस में बदल गया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी कोटा देहात एवं सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की ओर से गजराज सिंह के नेतृत्व में महावीर नगर थर्ड पावर हाउस से घटोत्कच सर्किल तक विजय जुलूस निकाला गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटनाक्रम को छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए आतिशबाजी की, ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला तथा हाथों में तिरंगा, मशाल और बैनर लेकर नारेबाजी की। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को दोहराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि NEET एवं CBSE परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर देशभर में छात्रों और युवाओं द्वारा उठाई गई आवाज तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सड़क से संसद तक चले आंदोलन के बाद यह फैसला सामने आया है। उन्होंने इसे छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत बताया।
नेताओं ने सामाजिक कार्यकर्ता और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के संघर्ष का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं के मुद्दों को लेकर 28 दिनों तक अनशन किया। जिला अध्यक्ष गजराज सिंह ने कहा कि यह संघर्ष यहीं समाप्त नहीं होगा, बल्कि इस जीत से प्रेरणा लेकर किसान, मजदूर, शोषित और वंचित वर्ग भी अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम स्वामी मुख्य वक्ता रहे। इस अवसर पर क्रांति तिवारी, संभव वर्मा, लालचंद सैनी, मदन मोहन नगर, चंद्रशेखर चौधरी, राजेंद्र रेगर, यादराम मेघवाल, निरंजन योगी, परसराम बैरवा, धन्नालाल मेघवाल, महावीर नायक, अरविंद सिंह, चेतन सोलंकी, अशोक अखंड, रामस्वरूप मालव, सुनील पुंडरीवाल, गिर्राज लोदवाल, सुमित गुर्जर, देवलाल गुर्जर, हेमंत रेगर, कमलेश रेगर, मेघराज, रामराज यादव, भुनेश तिवारी, सत्यनारायण एडवोकेट, राजाराम मेरोठा, राजेंद्र पलसानिया, रामसरूप मीणा, रवि बघेरवाल, उदयभान सिंह जोलपा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





















