कोटा। भारतीय जनता पार्टी कोटा संभाग के मीडिया संयोजक अरविंद सिसोदिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मध्यस्थता में राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए यमुना जल समझौते का स्वागत करते हुए इसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 32 वर्षों से लंबित यह समझौता राजस्थान के पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों, विशेषकर शेखावाटी, के लिए ऐतिहासिक साबित होगा।
सिसोदिया ने कहा कि 29 जून 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में हुए समझौते से 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड समझौते को प्रभावी रूप से लागू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जो कि राजस्थान के लिए विशेष लाभकारी है।
उन्होंने बताया कि लगभग 34,102 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत हथनीकुंड बैराज से यमुना जल को लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक पहुंचाया जाएगा। जहां इसका स्टोरेज होगा वहीं पाइपलाइन द्वारा पानी लाने से जल का रिसाव और वाष्पीकरण कम होगा तथा पानी का अधिकतम संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
सिसोदिया ने कहा कि इस परियोजना से चूरू, सीकर और झुंझुनूं जैसे जल-संकटग्रस्त जिलों को स्थायी राहत मिलेगी। साथ ही भूजल स्तर में सुधार होगा, पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिलने से कृषि उत्पादन तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी।
सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश को जल सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार ऐतिहासिक उपलब्धियां मिल रही हैं। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का स्वरूप दिलाने के बाद अब यमुना जल समझौते का क्रियान्वयन भी प्रदेश के लिए एक और बड़ी सफलता है। इन दोनों परियोजनाओं से राजस्थान के पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्रों में पेयजल, सिंचाई, भूजल संरक्षण तथा कृषि विकास को नई गति मिलेगी और प्रदेश के समग्र जल प्रबंधन को स्थायी मजबूती प्राप्त होगी।






