कोटा के अपर सेशन न्यायाधीश क्रम संख्या-2 (एडीजे-2) ने चार वर्षीय बालिका नंदनी की हत्या के बहुचर्चित मामले में उसकी मां टीना उर्फ पुष्पा और उसके प्रेमी प्रहलाद सहाय को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के दौरान अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी महिला मातृत्व और मां शब्द पर कलंक है, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी ही मासूम बच्ची की हत्या कर दी। अपर लोक अभियोजक भारत सिंह आसावत ने बताया कि बोरखेड़ा निवासी सुमित यादव ने दिसंबर 2020 में बूढ़ादीत थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी टीना 11 नवंबर 2020 को उनकी चार वर्षीय बेटी नंदनी को साथ लेकर घर से चली गई थी। काफी तलाश और पूछताछ के
बावजूद दोनों का कोई पता नहीं चलने पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि टीना की पहचान रॉन्ग नंबर के जरिए प्रहलाद सहाय से हुई थी। मोबाइल पर बातचीत के बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। प्रहलाद के कहने पर टीना अपनी बेटी को लेकर जयपुर पहुंची, जहां से प्रहलाद उन्हें अपने घर ले गया। 9 दिसंबर 2020 को नंदनी खेलते समय सीढ़ियों से गिर गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लग गई।






