-महावीर सेन
कोटा/ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य एवं पूर्व नेशनल कोऑर्डिनेटर, ऑल इंडिया कांग्रेस ओबीसी विभाग राजेन्द्र सेन ने मांग की है कि भरतपुर और धौलपुर जिले के जाट समाज को भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान के अधिकांश जिलों में जाट समुदाय को ओबीसी श्रेणी में आरक्षण का लाभ प्राप्त है, तो भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज को इससे वंचित रखना सामाजिक न्याय और समानता की भावना के विपरीत है।
सेन ने कहा कि संविधान द्वारा ओबीसी आरक्षण सूची में शामिल सभी जातियों को समान रूप से आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। किसी भी क्षेत्र विशेष के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज के साथ लंबे समय से हो रहा यह भेदभाव समाप्त किया जाना चाहिए और उन्हें भी ओबीसी आरक्षण का पूर्ण लाभ दिया जाना चाहिए।
राजेन्द्र सेन ने यह भी मांग की कि राज्यों और केन्द्र सरकार की ओबीसी आरक्षण सूची में एकरूपता लाई जाए, ताकि किसी भी जाति को राज्य और केन्द्र स्तर पर अलग-अलग व्यवस्था का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार की तरह राज्यों में भी कम से कम 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान की मूल भावना को मजबूत करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को इस विषय पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए। भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज सहित सभी पिछड़े वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकार और आरक्षण का लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।










