कोटा/नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन), कोटा” एवं “इस्कॉन कोटा” के मध्य “ड्रग अवेयरनेस, डी-एडिक्शन एवं यूथ एम्पावरमेंट कार्यक्रमों के संचालन हेतु एक “मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU)” पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू पर नरेश बुंदेल, उप नारकोटिक्स आयुक्त, कोटा तथा श्री गजेन्द्र पति विष्णु दास, को-मैनेजर, इस्कॉन कोटा” द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से युवाओं एवं समाज को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, नशा मुक्ति को बढ़ावा देने तथा सकारात्मक एवं मूल्य-आधारित जीवन शैली अपनाने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेंगी। इसके तहत स्कूलों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं सामुदायिक केन्द्रों में जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशालाएं, प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।
युवाओं को नशे से दूर रखने एवं सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से तनाव प्रबंधन, मूल्य शिक्षा, ध्यान एवं माइंडफुलनेस, आध्यात्मिक मार्गदर्शन तथा प्रेरणादायक सत्रों का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों के लिए परामर्श, मार्गदर्शन एवं प्रेरक सहयोग उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
एमओयू के तहत “अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस (26 जून)”, “ऑपरेशन युवा रक्षा” तथा अन्य सरकारी जागरूकता अभियानों के दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें जागरूकता रैलियां, पोस्टर प्रतियोगिताएं, स्वयंसेवी गतिविधियां एवं जनजागरूकता अभियान शामिल होंगे।
सीबीएन, कोटा द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों हेतु विशेषज्ञ अधिकारी एवं संसाधन व्यक्तियों की उपलब्धता, मादक पदार्थों से संबंधित कानूनी एवं शैक्षणिक सामग्री तथा शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं इस्कॉन कोटा द्वारा कार्यक्रम स्थलों, स्वयंसेवकों, संगठनात्मक सहयोग, प्रेरणादायक एवं आध्यात्मिक सत्रों के संचालन तथा विद्यार्थियों एवं समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस साझेदारी के माध्यम से आने वाले वर्षों में “कोटा, बारां, बूंदी एवं झालावाड़” जिलों में नशा विरोधी जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा, जिससे युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा सके।





















