-भारत सिंह चौहान
कोटा/दो वर्ष पूर्व गुड़ला चेचट से एक लावारिस मानसिक विमंदित महिला की सूचना पर अपना घर आश्रम की टीम द्वारा उसे आश्रम में लाया गया तो वह अपने विषय में कोई भी जानकारी देने की स्थिति में नहीं थी ।अपना घर ने उसे रीना नाम दिया । नियमित काउंसलिंग और उपचार के बाद पता लगा कि वह शहडोल मध्यप्रदेश के गोहदारू थाने के भुरसी ग्राम की रहने वाली है ।वहाँ के थाने पर सूचना भेजने पर थाने द्वारा परिवार से संपर्क किया तो उसके पिता तेजबली और भाई मुनीम सिंह तुरंत कोटा पहुंचे।
उसके पिता ने बताया कि उनकी बेटी का नाम लीलावती है और मानसिक रोगी है।चार साल पूर्व बिना बताए घर से लापता हो गई थी ।परिवार ने ढूँढने के बहुत प्रयास किए लेकिन निराशा ही मिली । लेकिन एक दिन थाने से सूचना मिली कि वह अपना घर आश्रम कोटा में है तो हम तुरंत ही उसे घर वापस ले जाने के लिए यहाँ आ गए।बेटी को पाकर पूरा परिवार बहुत प्रसन्न है ।
इसके साथ ही अंकित उर्फ रामप्रसाद को भी उसके पिता को सौपा गया ।गत माह विज्ञान नगर क्षेत्र से लावारिस अवस्था में घूमते एक मानसिक विमंदित को आश्रय दिया गया था वह अपना नाम और पता नहीं बता पाया तो अपना घर आश्रम द्वारा उसे अंकित नाम दिया गया ।आज उसके पिता रतन लाल झालावाड़ के ताजपुरिया गांव से बेटे को ढूंढ़ते हुए आए ।उन्होंने बताया कि इसका नाम रामप्रसाद है और गत माह मेडिकल कॉलेज कोटा में उसे इलाज के लिए लाए थे लेकिन अचानक वहाँ से वह गायब हो गया ।तभी से वे लगातार उसे ढूँढ रहे थे ।अपना घर आश्रम के विषय में समाचार पत्रों में पढ़ा था कि यहाँ पर परिवार से बिछड़े लोगों को रखा जाता है और उन्हें परिवार तक भी पहुंचाया जाता है इसलिए ढूँढते हुए वे यहाँ पहुँचे थे।यहाँ बेटे को देखकर उनकी आँखे नम हो गई ।उन्होंने अपना घर आश्रम के इस नेक कार्य की बहुत प्रसंशा की ।






