भारत सिंह चौहान
कोटा के सियाम ऑडिटोरियम में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री माननीय श्री मदन दिलावर जी की अध्यक्षता में कोटा संभाग की ‘जलग्रहण विकास समितियों’ की एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कोटा, बाराँ, बूँदी एवं झालावाड़ जिलों की समितियों द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई, वहीं कार्यक्रम स्थल पर लगी ‘विकास प्रदर्शनी’ के माध्यम से अरनियाकलां (कोटा) के एनिकट और संभाग में हुए विभिन्न जल संचयन कार्यों के जमीनी प्रभाव को भी प्रमुखता से दिखाया गया। माननीय मंत्री जी ने कार्यशाला में कड़े निर्देश दिए कि मानसून से पूर्व सभी तालाबों, कुंडों एवं जलाशयों के आवक मार्गों (कैचमेंट एरिया) से अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए और विलुप्त हो चुके नदी-झरनों को पुनर्जीवित करने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परंपरागत जल स्रोतों का संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग केवल सरकारी कर्तव्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।






