Thursday, August 13, 2026
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कापरेन मे जोश्या का खेडा में मंशापूर्ण हनुमान मन्दिर पर काव्य गोष्ठी सम्पन्न

कापरेन/ रविवार को महाराणा प्रताप और मातृ दिवस के सुअवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद् कापरेन व हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति समिति रोटेदा एवं मायड़ भासां साहित्य सिरजन मंच टाकरवाड़ा,बूढादीत की त्रिवेणी संस्थाओं के तत्वाधान में लगातार चोथी काव्य गोष्ठी कापरेन मे जोश्या का खेडा मंशापूर्ण हनुमान मन्दिर पर सम्पन्न हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता श्रीमान शिवशंकर जी मेहरा पूर्व प्रधानाचार्य ने की। मुख्य अतिथि श्रीमान चंदलाल चकवाला सदस्य राजस्थानी परामर्श मण्डल केन्द्रीय साहित्य अकादमी दिल्ली एवं विशिष्ट अतिथि हास्य गीतकार महावीर धनवंतरी रहे।

गोष्ठी का शुभारम्भ हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य अर संस्कृति मंच रोटेदा के संस्थापक संरक्षक देवकी दर्पण ने सरस्वती वंदना से किया।

बालकवि हनु गौतम ने भी काव्यपाठ किया।

कवि मनीष मेहरा ने ‘नशा छोडने की शुरूवात खुद से ही कर’ रचना पढ़ी।

मनीष गौतम ने मोदी जी के ऊपर शानदार रचना प्रस्तुत की । लोकेश आजाद ने शूर तुम धीर तुम,हो देश की धरा का मान रचना से देश भक्ति की अलख जगाते हुये जोश भरा फिर ठिठुरता बुढ़ापा रचना से वृद्ध माँ बाप की पीड़ा को व्यक्त कर गोष्ठी को भावपूर्ण कर दिया । कवि सत्यप्रकाश गौतम ने महाराणा प्रताप पर कविता .. “क्या बतलाऊं तुमको कितना प्रभावित प्रताप से

“मुगली घोड़े डर जाते थे उस

चेतक की टाप से ” तथा माँ के महत्व एवं मंशापूर्ण बालाजी के ऊपर गीत सुनाकर सभी श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया महावीर धनवंतरी ने बेटा और बेटी के ऊपर शानदार गीत प्रस्तुत किए।वरिष्ठ साहित्यकार देवकी दर्पण ने….”सूूरज लाई घणी फांकर्यो, अलख सूकर्यो प्राणी को।

मरै तसायां घणां पखेरू, भरां परिण्डो पाणी को… । ” राजस्थानी गीत से पक्षियों हेतु परिण्डा बांधने का संदेश दिया और ” जुगा जुगा सूं यो समाज छै गौ माता को सदा ऋणी “गौ माता की करूण पीड़ा को भावपूर्ण गीत मे प्रस्तुत किया।

जसराज सलोना बेटी गीत पढ़ते हुये हुये भावुक और श्रोताओं को किया भावविभोर पप्पूलाल मेघ ने नरेगा पर व्यंग प्रस्तुत किया।

वरिष्ठ साहित्यकार चंदलाल चकवाला ने …पावणाओ ऊपट‌ माळ मत जावो रै छोरी होवै तो सगाई कर जावो रै ,शानदार गीत प्रस्तुत किया।

युवा कवि दीपेश सुमन ने हिन्दी छन्दो के साथ…. म्हां बेरोजगार छा पढ़ते हुये गोष्ठी का सफल संचालन किया। काव्यगोष्ठी के अंत में अध्यक्ष शिवशंकर मेहरा ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

 

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