बूंदी/पंचायती राज संगठन राजस्थान बूंदी विधानसभा प्रभारी एवं प्रदेश कोऑर्डिनेटर महावीर सेन ने कहा है कि महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर दलित, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
महावीर सेन ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले ने देश में महिला शिक्षा की अलख जगाकर सामाजिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया था। उन्होंने महिलाओं, दलितों और वंचित वर्गों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया, जिसे देश सदैव याद रखेगा।
उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक देशभर में मनाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन की वास्तविक सार्थकता तभी होगी, जब सरकार दलित, पिछड़े और गरीब वर्ग की छात्राओं के लिए निशुल्क शिक्षा की प्रभावी नीति लागू करे।
महावीर सेन ने कहा कि आज भी देश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की अनेक बेटियां शिक्षा से वंचित हैं। यदि सरकार वास्तव में महात्मा फुले के विचारों को सम्मान देना चाहती है तो छात्राओं को मुफ्त शिक्षा, छात्रवृत्ति, निशुल्क पुस्तकें, छात्रावास तथा डिजिटल शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने शोषित एवं वंचित वर्गों को शिक्षा के माध्यम से आत्मसम्मान और अधिकार दिलाने का कार्य किया था। ऐसे में उनकी 200वीं जयंती केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सामाजिक न्याय और शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने वाले ठोस निर्णय लिए जाने चाहिए।






