कोटा। राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा पांडुलिपि प्रकाशन हेतु आमंत्रित प्रविष्टियों में साहित्यकार रूपनारायण ‘संजय की पुस्तक’ रूपोदय का चयन किया गया है। पांडुलिपि प्रकाशन सूची में साहित्यकार का चयन होने पर समूचे हाड़ौती क्षेत्र में खुशी की लहर है।
इस चयन के अंतर्गत उन्हें पांडुलिपि प्रकाशन में सहयोग प्रदान किया जाएगा।
यह पुस्तक पाठकों के लिए रोचक, शिक्षाप्रद और संस्कारयुक्त कविताओं का संग्रह है, जिसमें हर वर्ग के माध्यम से कवि ने समाज की विकृतियों, प्रकृति संरक्षण , आध्यात्मिक दर्शन की प्रति रूचि , मातृभूमि के प्रति कर्तव्य बोध की झलकियां रूप की चुटकी के माध्यम से सहज और आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है। चयन से साहित्यिक जगत में खुशी की लहर है और इसे साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
साहित्यकारों एवं शिक्षाविदों ने रूपनारायण ‘संजय को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनाएं नैतिक मूल्यों, कल्पनाशीलता और पठन-पाठन की रुचि विकसित करने में सहायक होती हैं।
स्थानीय साहित्य प्रेमियों ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि *रूपोदय*’ साहित्य के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगी।









