भारत सिंह चौहान
कोटा/ब्रह्माकुमारी के शिक्षा प्रभाग द्वारा ‘एजुकेशन बियॉन्ड डिग्रीज़’ (डिग्री से परे शिक्षा) कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने मूल्य-आधारित शिक्षा पर चर्चा की। सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया की एजुकेशन बियॉन्ड डिग्रीज़’ कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करने के बजाय छात्रों के सर्वांगीण विकास, सकारात्मक सोच, और चरित्र निर्माण पर जोर देना था। यह कार्यक्रम ज्ञान सरोवर, माउंट आबू में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित चौधरी की ऑनलाइन उपस्थिति के साथ राजयोगिनी बी के सुदेश दीदी, एस सी इ आर टी दिल्ली की निदेशक डॉ. रीता शर्मा, और गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री हिमांजल पालीवाल सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद शामिल हुए।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर निमित चौधरी ने इस कॉन्फ्रेंस को वीडियो द्वारा संबोधित किया और ब्रह्मकुमारीज़ के शिक्षा प्रभाग द्वारा मूल्य-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को अत्यधिक प्रभावी और प्रासंगिक बताया। अपने संबोधन में कुलगुरु निमित्त चौधरी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ का शिक्षा प्रभाग लगातार ‘नई शिक्षा नीति 2020’ के अनुरूप, युवाओं को सशक्त बनाने के लिए मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है। अपने उद्बोधन में उन्होंने शिक्षा में आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों के समावेश को अत्यंत आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास—मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक उन्नति—पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों को प्रभावशाली और दूरगामी बताया। अपने संदेश में कुलगुरु ने विशेष रूप से विश्वविद्यालय में संचालित “थॉट एंड इन्नोवेशन सेंटर” के माध्यम से छात्रों में ध्यान, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिला है, जिससे उनके जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ के साथ थॉट एंड इन्नोवेशन सेंटर के जुड़ने से इसकी गतिविधियाँ और अधिक प्रभावी हुई हैं, जिससे छात्रों में आध्यात्मिकता के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ी है। यह पहल छात्रों को न केवल शैक्षणिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें एक संतुलित, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित कर रही है।
थॉट एंड इन्नोवेशन सेंटर की मुख्य समन्वयक डॉक्टर लता गिदवानी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में यह संदेश प्रमुख रूप से सामने आया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। इस दिशा में ब्रह्मकुमारीज़ और आर टी यू का संयुक्त प्रयास एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है। कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य उच्च शिक्षा में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को शामिल करना है।






