अखिल नामा
बारां। न्यू नाकोड़ा कॉलोनी, झालावाड़ रोड, बारां में कल भारतीय सांस्कृतिक निधि बारां अध्याय की महिला समूह चौपाल के नेतृत्व में महिलाओं ने एकजुट होकर कॉलोनी की ज्वलंत समस्याओं तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक जनजागृति रैली निकाली। रैली का उद्देश्य अनियमित ब्रेकरों की समस्या, टूटी सड़कों, गंदे व खाली प्लॉट्स, खुली नालियों, सड़कों पर छोड़े गए पशुओं, मच्छरजनित बीमारियों और नागरिक सुरक्षा शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर आमजन को जागरूक करना रहा।
रैली के दौरान महिलाओं ने प्रभावशाली नारों के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया—
“अनियमित ब्रेकर हटाओ, कॉलोनी को सुरक्षित बनाओ”, “सुरक्षित सड़क हमारा अधिकार”, “सड़क नहीं गड्ढों का जाल—181 पर कर दो कॉल”, “गंदे प्लॉट्स = बीमारी का खतरा”, “नालियां खोलो, बीमारियां रोको”, “पशुओं को सड़कों पर छोड़ना उनके साथ भी अत्याचार” सहित अनेक जनहितकारी नारे लगाए गए।
महिलाओं ने स्पष्ट किया कि सही जगह, सही मानकों के अनुसार ब्रेकर, सड़कों की तत्काल मरम्मत, नालियों की नियमित सफाई, खाली प्लॉट्स की साफ-सफाई व घेराबंदी, तथा सड़कों पर आवारा पशुओं पर नियंत्रण से ही कॉलोनी सुरक्षित और स्वस्थ बन सकती है। उन्होंने कहा कि नागरिक कर देते हैं, इसलिए सुरक्षित सड़कें और स्वच्छ परिवेश उनका अधिकार है। साथ ही, समस्याओं के समाधान हेतु 181 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया।
शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन को लेकर
रैली के दूसरे चरण में महिलाओं ने शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के समर्थन में आवाज़ बुलंद की। उन्होंने “ग्रीनको वापस जाओ” के नारे लगाते हुए शाहबाद जंगल में प्रस्तावित प्लांट को बंद करने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि जंगल में लाखों पेड़ों की कटाई से पर्यावरण, जलस्तर, जैव-विविधता और जन-स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आम नागरिकों को प्लांट लगने और वनों की कटाई से होने वाले नुकसान के प्रति आगाह किया तथा पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
जनजागृति रैली आरके गार्डन, न्यू नाकोड़ा कॉलोनी, श्री राम जानकी मंदिर (तेलफैक्ट्री क्षेत्र), मानसरोवर मार्केट होते हुए ओल्ड नाकोड़ा कॉलोनी तक निकाली गई, जहाँ जगह-जगह निवासियों से संवाद कर समर्थन मांगा गया।
रैली में प्रेमलता ओझा, गीता सेन, विनीता त्यागी ,रेणु चौधरी, अंजनी सोनी, विद्या नागर, गिनता मीणा, मंजू हाडा, निर्मला मेघवाल, रश्मि गौतम, प्रमिला शर्मा, हेमलता गौतम, सीमा मीणा, इंदु चांदना, मनीषा, जिया कुमारी , शालिनी गर्ग, नयना हाडा, गायत्री सेन , टिया गर्ग ,रीना सेन सहित अनेक महिलाओं ने झंडे, बैनर और तख्तियों के साथ सक्रिय भागीदारी निभाई।
डिंपल जयंत के संचालन में आयोजित रैली में
महिलाओं ने
. अनियमित/अवैज्ञानिक ब्रेकर तत्काल हटाए जाएँ, आवश्यक स्थानों पर मानक अनुसार ब्रेकर लगाए जाएँ,
टूटी सड़कों की शीघ्र मरम्मत व नियमित रख-रखाव,
. नालियों की सफाई, जलभराव रोकने के ठोस उपाय,
खाली प्लॉट्स की सफाई व मालिकों की जवाबदेही तय हो,
सड़कों पर आवारा पशुओं पर नियंत्रण, जुर्माना व्यवस्था लागू करने ,
शाहबाद जंगल में प्रस्तावित प्लांट बंद हो; वनों की कटाई पर पूर्ण रोक की मांग की।
महिला समूह चौपाल ने प्रशासन से इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की और नागरिकों से आह्वान किया कि वे “हमारी कॉलोनी, हमारी जिम्मेदारी” के भाव से जुड़कर सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए आगे आएँ।
रेली का नेतृत्व चौपाल संयोजक नीता शर्मा ने किया।






