कोटा/कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की भूमि संपदा और शहर के सुनियोजित विकास की संभावनाओं पर केंद्रित महत्वपूर्ण पुस्तक “कोटा लैंड बैंक: विश्लेषण और अवसर” रविवार को कोटा-बूंदी सांसद एवं लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी को भेंट की गई। इस पुस्तक का लेखन एवं संपादन केडीए के राजस्व सलाहकार परमानन्द गोयल द्वारा किया गया है।
गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
पुस्तक भेंट के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के देवेन्द्र सिंह चौहान, न्यू कोटा इंटरनेशनल सोसाइटी से के के शर्मा ‘कमल’ , राजीवगांधी नगर ऑक्सीजोन सोसाइटी के संरक्षक मनोहरलाल गुप्ता सहित शहर के अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
विकास का ब्लूप्रिंट: ₹1000 करोड़ के राजस्व की संभावना
इस अवसर पर लेखक परमानन्द गोयल ने बताया कि यह पुस्तक में केडीए के अंतर्गत आने वाले लगभग 8,000 रिक्त भूखण्डों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है, जिनकी वर्तमान अनुमानित कीमत ₹2900 करोड़ आंकी गई है। लेखक के अनुसार, यदि इन भूखण्डों का सुनियोजित आवंटन और नीलामी की जाए, तो आगामी तीन वित्तीय वर्षों में ₹1000 करोड़ का राजस्व अर्जित किया जा सकता है ।
पुस्तक में सुझाव दिया गया है कि इस अर्जित राजस्व से शहर के अविकसित क्षेत्रों में:
• आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी।
• ‘त्रि-कोरिडोर मॉडल’ के माध्यम से हाड़ौती क्षेत्र का समेकित विकास।
आमजन और निवेशकों के लिए मार्गदर्शिका
नीति-निर्माताओं और निवेशकों के साथ-साथ यह पुस्तक आम नागरिकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। इसमें संपत्ति क्रय-विक्रय को सरल बनाने हेतु व्यावहारिक सुझाव, केस स्टडी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) शामिल किए गए हैं। गोयल ने स्पष्ट किया कि पुस्तक तथ्यों पर आधारित है, फिर भी अंतिम निर्णय के लिए केडीए के आधिकारिक अभिलेखों का सत्यापन आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि गोयल इससे पूर्व “संसद विजिट – यादें”, “कोटा टूरिज्म” , “विचारों की उड़ान : जीवन आपका , नजरिया आपका और दृष्टिकोण भी आपका” एवं “हाड़ौती गौरव सम्मान 2026” जैसी सात अन्य चर्चित पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं।






