कोटा/लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को नयापुरा में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘जल संसाधन भवन’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सुरेश सिंह रावत के साथ संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक कर कोटा-बूंदी क्षेत्र में चल रही जल संसाधन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
बैठक में निर्माण कार्यों में देरी और ‘आरआरआर’ कार्यों की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए बिरला ने लापरवाह संवेदकों को नोटिस देकर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।
🏢 आधुनिक भवन से कार्यों में आएगी तेजी
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि चार मंजिला आधुनिक ‘जल संसाधन भवन’ विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराएगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी, साथ ही किसानों को सिंचाई योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
⏱️ समयबद्ध कार्य और गुणवत्ता पर सख्ती
बिरला ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। ‘आरआरआर’ कार्यों की गुणवत्ता को गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
🌾 रामगंजमंडी के असिंचित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
रामगंजमंडी क्षेत्र को ‘तकली मध्यम सिंचाई परियोजना’ से जोड़ने और मध्य प्रदेश के गांधी सागर से पानी लाकर बांध क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
🌧️ बारिश से पहले नहरों की सफाई जरूरी
बूढ़ादीत और इटावा क्षेत्रों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या के समाधान के लिए दाईं और बाईं मुख्य नहर की सफाई बारिश से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर स्थायी समाधान पर जोर दिया गया।
🚧 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में परवन परियोजना, ईआरसीपी (ERCP), रामपुरिया-गौहाटा एक्वाडक्ट, मेज बैराज, आलनिया बांध, हरिपुरा मांझी बांध, गुड़ा बांध, सावन-भादो परियोजना और चाकण बांध सहित कई योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।
⚙️ जल संसाधन मंत्री का सख्त रुख
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भी स्पष्ट कहा कि परियोजनाओं में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डीपीआर स्तर पर ही सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए, ताकि बाद में देरी न हो।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।






