_भारतसिंह चौहान
कोटा ।कोटा के उपखंड मजिस्ट्रेट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में, एक बूढ़ी सास के पक्ष में आदेश दिया है, जिसमें उनकी बहू को 15 दिन के भीतर ससुराल से बेदखल करने का निर्देश दिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब बहू ने अपने पति की मौत के बाद सास के स्वामित्व वाले मकान पर कब्जा करने और सास ससुर को निकालने का प्रयास किया था। सास राजेश कुमारी ने वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण अधिनियम के तहत उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दायर किया था, जिसमें उन्होंने अपनी बहू राजकंवर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। एडवोकेट अन्सार इन्दौरी ने बताया कि 24 अप्रेल 2025 को राजेश कुमारी के जवान बेटे की मृत्यु हो गई थी। मृत्यु केकुछ समय बाद ही मकान पर कब्ज़ा करने की नियत से उनकी बहु राजकंवर ने षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था। बहु आए दिन अपने सास और ससुर से झगड़ा करती,उनको खाना नहीं देती। ससुर को बलात्कार के झूठे केस में फंसवाने की धमकी देती। अक्टूबर 2025 में बहु ने मारपीट करके सास ससुर को घर से निकाल दिया था। पीड़ित सास ससुर अपनी बेटी के यहां रहने पर मजबूर हुए। इसके बाद बहु के अत्याचारों से तंग आकर उन्होंने अदालत की शरण ली। मुकदमें अधिवक्ता अंसार इंदौरी ने सास का प्रतिनिधित्व किया और अदालत में उनके अधिकारों की रक्षा की। उपखण्ड मजिस्ट्रेट ने अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए, बहू को ससुराल से बेदखल करने का आदेश दिया है। अपने आदेश में अदालत ने कहा है कि बहु राजकंवर 15 दिन में अपनी सास राजेश कुमारी के स्वामित्व वाले मकान को खाली कर देवें।
तहसीलदार लाडपुरा और पुलिस करवाएगी आदेश की पालना_
अदालत ने अपने फैसले में लिखा है कि आदेश की पालना नहीं करने की स्थिति में तहसीलदार लाडपुरा को आदेश की पालना के कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाता है तथा दौराने बेदखली थानाधिकारी अन्नतपुरा कोटा को आदेशित किया जाता है कि मय जाब्ता मौके पर उपस्थित रहें।






