कोटा अरण्डखेडा । दिनांक 29 मार्च 2026 हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अरण्डखेडा में श्री रामनवमी महोत्सव संम्या दो दिवसीय मैला आयोजित हुआ,।
अरण्डखेडा में पिछले 200 वर्षो से चली आ रही चैत्र नवरात्र की रामनवमी व दसमी को रावण दहन किया जाता है,
पुर्व में यहा यहा मैला परिसर में बनाऐ गऐ रावण के स्तम्भ पर गोबर से बने उपलों को जलाकर रावण जलाने की परम्परा निभाई जाती थी,वही बैल गाड़ी में राम व लक्ष्मण जी बनाकर उनके द्वारा रावण दहन करवाया जाता था,धीरे धीरे मैले का विकास हुआ फिर श्री राम नवयुवक मंडल का गठन किया उसके माध्यम से गांव के सभी लोगों के जन सहयोग से मैले का विकास होकर सुन्दर झांकियां,व 35 फीट तक की उंचाई का रावण के पुतले का दहन होने लगा,पुर्व अरण्डखेडा ही एक मात्र गांव था जहां चेत्र नवरात्र में रामनवमी मैला संम्या के नाम से दसमी को मैला आयोजित होता था जिसमें आस पास के गांवों के महिलाएं पुरूष पैदल बैल गाड़ियों से चलकर मैला देखने आते थे,
आज मैले का विकास तो हुआ परन्तु राजनीति व जन प्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण मैला परिसर का विकास नहीं हो पाया जिससे मैला परिसर में स्थानीय लोगों का अतिक्रमण भी हो चुका, ऐसे में बाहर आने वाले दर्शकों को अपने वाहन जीप कार मोटरसाइकिल,व दुकानदारों को मैले मे दुकाने लगाने के दौरान पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती,
शनिवार को दसमीं के पावन पर्व पर अरण्डखेडा में मुख्य हाट बाजार से आधा दर्जन झांकियो का मुख्य अतिथि बिल्डर वरूण जी रेसेवट द्वारा भगवान श्री राम जी का पुजन कर शोभायात्रा शाम 6 बजे रवाना हुई ।
जो श्री रघुनाथ जी महाराज का देव विमान के साथ,वनवासी राम लक्ष्मण,राम लक्ष्मण ,सीता जी,रावण दरबार, भोले भण्डारी की प्रमुख झाकियां आकर्षक का केंद्र रही। शोभायात्रा संगीतमय भजनों के साथ गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए रात 9 बजे मैला स्थल पर पहूंची जहा मैला समिति अध्यक्ष शिवराज सुमन,व मैला समिति सदस्य सुदामा सुमन, जितेन्द्र कुमार,देविशंकर सुमन,हरिश शर्मा ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी डां दिनेश मलिक,पुर्व पंचायत समिति सदस्य विष्णु गोतम, विशिष्ट अतिथि समाजसेवी डॉ दुर्गाशंकर सैनी, महेन्द्र सैनी सी आई डी कोटा,पुर्व लाडपुरा प्रधान राजेंद्र मेघवाल,रणजीत ठेकेदार,का माला पहनाकर स्वागत किया,बाद में उन्होंने कहा बुराई पर अच्छाई की जीत होती है इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम से एक दुसरे में आपस में प्रेम की भावना का संचार होता है,बाद में बुराई के प्रतिक रावण के प्रतिक
35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। इस दौरान आस पास के गांवों के लोग मैला देखने पहुंचे।
इससे पूर्व शुक्रवार को भगवान श्री रघुनाथ जी महाराज का देव विमान को गांव में भ्रमण करवाया व रात्रि जागरण किया गया।






