कोटा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आवासन मंडल केशवपुरा में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण तथा शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के साहस और कौशल को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न खेलकूद और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने महिला अधिकारों के साथ ही प्रकृति के साथ जुड़ाव दिखाते हुए ‘वन एवं वन्य जीव संरक्षण’ का भी सशक्त संदेश दिया।
समारोह के दौरान खेलकूद स्पर्धाओं में उत्साह का माहौल रहा। रस्साकसी प्रतियोगिता में महिलाओं और बालिकाओं ने जमकर जोर-आजमाइश की। जिसमें ‘झांसी की रानी’ टीम ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि ‘दुर्गा’ टीम द्वितीय स्थान पर रही। वहीं, म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में पायल प्रजापति ने प्रथम, मीनाक्षी महावर ने द्वितीय और प्रियंका कुशवाहा ने तृतीय पुरस्कार जीता। बौद्धिक कौशल को परखने के लिए आयोजित क्विज प्रतियोगिता में सौम्या बंसल, धरणी कुमारी, ऋद्धि, पायल, अनामिका, पूजा, कन्नू और प्रियंका ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पुरस्कार अपने नाम किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने कहा कि आज की नारी अब अबला नहीं, बल्कि समाज की प्रबल शक्ति है। स्काउट और गाइड के संस्कार हमें अनुशासन और सेवा सिखाते हैं, जो महिला सशक्तिकरण का आधार हैं। हमें गर्व है कि हमारी बेटियां खेल के मैदान से लेकर बौद्धिक मंचों तक अपनी पहचान बना रही हैं। साथ ही, आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि जिस प्रकार एक महिला घर को संवारती है, उसी प्रकार हम ‘वन एवं वन्य जीव संरक्षण’ की जिम्मेदारी उठाकर अपनी धरती को भी सुरक्षित रखेंगे।”
डी.ओ.सी. (रेलवे) प्रवीण कुमार शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि “शिक्षा और सहकारिता के माध्यम से हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।”
इस गरिमामयी अवसर पर गाइड कैप्टन मीनाक्षी महावर, योगिता, फ्लॉक लीडर अंतिमा मेहरा, रेंजर लीडर भारती महावर और मनीष सहित कई गणमान्य व्यक्ति और स्काउट-गाइड से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को स्मृति चिह्न और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।





