डेमोग्राफिक डिविडेंड से स्किल डिविडेंड तक: नई दिल्ली में आयोजित ‘नेशनल एजुकेशन कॉन्क्लेव: विजन 2030’ में डॉ. गांधी के नीतिगत सुझावों को मिली राष्ट्रीय सराहना
नई दिल्ली | देश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल ‘ली मेरिडियन’ के सभागार में आयोजित “नेशनल एजुकेशन कॉन्क्लेव: विजन 2030 – एजुकेशन एंड बिजनेस लीडरशिप समिट” भारत के शैक्षिक और व्यावसायिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। इस भव्य आयोजन में राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा से आए भारत के सुप्रतिष्ठित युवा मैनेजमेंट विश्लेषक एवं प्रख्यात पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट ,अंतराष्ट्रीय लीडरशिप एनएलपी ,लाइफ एवं करियर कोच डॉ.नयन प्रकाश गांधी ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि देश के असंख्य युवाओ के प्रेरणास्रोत यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शॉर्ट टर्म 2030 एवं दीर्घकालीन ‘विकसित भारत के विजन 2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए एक स्पष्ट नीतिगत रोडमैप भी प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर डॉ. गांधी को उनके शिक्षा और करियर परामर्श के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व योगदान के लिए ‘नेशनल अवॉर्ड फॉर बेस्ट एनएलपी करियर लीडरशिप कोच’ से सम्मानित किया गया। सम्मेलन में देशभर के शिक्षाविदों, नीति-निर्धारकों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लेकर शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल विकास और ‘इंडस्ट्री-रेडी’ पाठ्यक्रम पर गहन मंथन किया।

देश भर से पधारे आमंत्रित गणमान्य अतिथि एवं वक्ता
शिखर सम्मेलन में सत्ता के गलियारों, अकादमिक जगत और कॉर्पोरेट सेक्टर की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।
देश भर से पधारे आमंत्रित गणमान्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता🫵
🫵श्री प्रणव कुमार: राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)
🫵डॉ. नयन प्रकाश गांधी: इंटरनेशनल लीडरशिप एनएलपी ,लाइफ करियर कोच ,युवा मैनेजमेंट विश्लेषक, प्रख्यात पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट कोटा, राजस्थान ,एलुमनाई आईआईपीएस मुंबई विश्विद्यालय
🫵डॉ. तपन कुमार नायक: जयपुरिया स्कूल ऑफ बिजनेस
🫵सीए डीडी अग्रवाल: चेयरमैन, भाजपा सीए प्रकोष्ठ, नई दिल्ली।
🫵एडवोकेट मोहित कुमार शर्मा: वाइस प्रेसिडेंट, भाजपा नई दिल्ली (एमवी)।
🫵डॉ. अमित भारद्वाज: निदेशक, सीपीजे ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, डायनामिक कांफ्रेंस स्पीकर
🫵डॉ. नैनसी जुनेजा: सीईओ, मेंटोर एक्स एवं विमेन एंपावरमेंट लीडर
🫵मानवेंद्र कुमार, मनीष सिन्हा, परविंदर सिंह: वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया विशेषज्ञ
🫵डॉ. अनूप मित्तल एवं सूर्यकांत सारथी राय: उद्योग विशेषज्ञ।
🫵जोनल हेड: नेशनल स्मॉल इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (NSIC), दिल्ली
एवं कई गणमान्य अतिथि

☝️प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के लिए डॉ. गांधी का ‘थ्री-पिलर’ नीति मॉडल
…..
डॉ. नयन प्रकाश गांधी ने समिट के मुख्य वक्ता और पैनलिस्ट के रूप में अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है। उन्होंने कहा, “यदि विश्वविद्यालय और उद्योग जगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप काम करें, तो भारत पुनः ज्ञान का वैश्विक केंद्र बन सकता है।गांधी ने कहा कि लगभग सबसे बड़े युवा लाभांश के साथ भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी जनसांख्यिकीय शक्ति है। यदि विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और उद्योग जगत देश के यशस्वी एवं विश्व के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत शॉर्ट टर्म विजन 2030 एवं दीर्घकालीन 2047 विज़न के अनुरूप सामूहिक नेतृत्व के साथ कार्य करें, तो भारत पुनः वैश्विक स्तर पर ज्ञान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन सकता है।अपने प्रस्तुतीकरण में डॉ. नयन प्रकाश गांधी ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और पीएम सेतु की सराहना करते हुए भारत को डेमोग्राफिक डिविडेंड से स्किल डिविडेंड की दिशा में ले जाने हेतु तीन नीतिगत सुझाव दिए। उन्होंने “जिला कौशल कंसोर्टियम” की अवधारणा रखी, जिसमें स्थानीय उद्योग, आईटीआई और शैक्षणिक संस्थान मिलकर रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम तैयार करें। साथ ही गांवों के डिजिटलीकरण के लिए 10 लाख युवाओं की “डिजिटल आर्मी” बनाने तथा “यूनिवर्सल स्किल पासपोर्ट” के माध्यम से युवाओं के कौशल व कार्य-अनुभव को डिजिटल क्रेडिट सिस्टम में दर्ज करने का प्रस्ताव दिया। उनके ‘थ्री-पिलर मॉडल’ को शिक्षाविदों और नीति विशेषज्ञों ने सराहा । उन्होंने भारत को डेमोग्राफिक डिविडेंड से स्किल डिविडेंड की ओर ले जाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
1. जिला कौशल कंसोर्टियम (District Skill Consortium – DSC)
डॉ. गांधी ने प्रस्तावित किया कि स्थानीय बेरोजगारी को दूर करने के लिए हर जिले में एक ‘कौशल कंसोर्टियम’ अनिवार्य है। इसमें स्थानीय उद्योगों, आईटीआई और विश्वविद्यालयों को एक मंच पर आना होगा ताकि जिला स्तर की औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से पाठ्यक्रम तय हों और युवाओं को सीधे रोजगार मिले।
2. डिजिटल आर्मी ऑफ इंडिया (Digital Army of India)
ग्रामीण भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्होंने 10 लाख युवाओं की ‘डिजिटल आर्मी’ का विजन दिया। ये युवा गांवों के डिजिटलीकरण में सेतु का काम करेंगे, जिसके बदले उन्हें अकादमिक क्रेडिट प्राप्त होंगे। यह योजना ‘पीएम-सेतु’ जैसी पहलों को नई ऊंचाई देगी।
3. यूनिवर्सल स्किल पासपोर्ट (Universal Skill Passport)
डिग्री के साथ कौशल को मान्यता देने के लिए उन्होंने ‘डिजिटल वॉलेट’ आधारित क्रेडिट सिस्टम का सुझाव दिया। इसमें युवा का हर छोटा-बड़ा व्यावहारिक अनुभव और कौशल दर्ज होगा, जो उसे वैश्विक नौकरी बाजार में एक अलग पहचान दिलाएगा।
सफलता का ब्लूप्रिंट: युवाओं के लिए SMART और 3D तकनीक
अकादमिक चर्चाओं के साथ-साथ डॉ. गांधी ने स्टार्टअप लीडर्स और छात्रों के लिए ‘सफलता का ब्लूप्रिंट’ साझा किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल मेहनत काफी नहीं है, बल्कि SMART (Specific, Measurable, Achievable, Relevant, Time-bound) दृष्टिकोण जरूरी है।
उन्होंने सफलता के लिए तीन मूलभूत सिद्धांत दिए:
समर्पण (Dedication): अपने काम के प्रति पूर्ण निष्ठा।
अनुशासन (Discipline): मिनट-टू-मिनट प्लानिंग और समय प्रबंधन।
दृढ़ संकल्प (Determination): चुनौतियों के बावजूद लक्ष्य पर टिके रहना।
ईमानदारी और मौलिकता: गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद का उल्लेख
संबोधन के दौरान डॉ. गांधी ने हाल ही में हुए ‘ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट’ और गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े एक विवादित प्रसंग का उल्लेख करते हुए एक साहसिक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “सच्ची प्रगति अपनी गलतियों को स्वीकार करने से आती है। प्रतिष्ठा बचाने के लिए झूठ का सहारा लेने के बजाय आत्म-सुधार करना ही व्यक्तित्व निर्माण की पहली सीढ़ी है।” उन्होंने युवाओं को दूसरों की नकल छोड़कर अपनी मौलिक प्रतिभा (Originality) को पहचानने का आह्वान किया।
कोटा के लिए गर्व का क्षण: सुझावों को मंत्रालय भेजने की तैयारी
सम्मेलन की सचिव डॉ. सुमित्रा सिंह ने डॉ. गांधी के सुझावों की सराहना करते हुए घोषणा की कि इन नीतिगत नवाचारों को एक ड्राफ्ट पॉलिसी के रूप में तैयार कर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा।
नई दिल्ली के इस भव्य आयोजन में राजस्थान के डॉ. नयन प्रकाश गांधी के विचारों को मिली वैश्विक सराहना कोटा की शिक्षा नगरी और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नीतिगत सुझाव ही भारत को 2030 तक एक अग्रणी वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।






