सिमलिया/कोटा/लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर 26 फरवरी को भांडाहेडा में 118.95 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देंगे। सांगोद विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए गुरुवार को प्रातः 10 बजे भांडाहेड़ा के खेल मैदान में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। भाजपा मण्डल अध्यक्ष उछमा मीणा ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर करेंगे।विधायक कल्पना देवी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगी। देहात जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर, जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल और दीगोद पञ्चायत समिति की प्रधान कृष्णा शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि समारोह के दौरान लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत के 19 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात जनता को समर्पित की जाएगी। कोटा-कैथून से रेलगांव- भाण्डाहेडा- चारचौमा बालाजी होते हुए अडूसा तक 87.08 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सड़क के चौड़ाईकरण एवं नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास होगा। इसके अलावा 85 लाख रुपए की लागत से निर्मित संपर्क सड़क जालिमपुरा से हरिपुरा के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया जाएगा। वहीं 90 लाख रुपए की लागत से तैयार संपर्क सड़क डूंगरज्या के निर्माण कार्य का भी लोकार्पण होगा। साथ ही, सीमलिया से हनोतिया (2.06 करोड़), चन्द्रावला संपर्क सड़क (2.80 करोड़) और पोलाईकलां से बरगू सड़क (21 लाख) के निर्माण कार्य की नींव रखी जाएगी।
दीगोद-चन्द्रावला पुलिया (2.25 करोड़), जालिमपुरा-हरिपुरा पुलिया (90 लाख), चावण्डहेड़ी पुलिया (90 लाख) और दरबीजी में पुलिया (90 लाख) का लोकार्पण होगा।
पोलाईकलां-पोलाईखुर्द से बरगू- भाण्डाहेड़ा सड़क पर 7 करोड़ की लागत से हुए डामरीकरण कार्य और पीएमजीएसवाई के तहत सीमलिया-उकल्दा सड़क (6.18 करोड़) का लोकार्पण होगा। ग्राम भौंरा में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन (55 लाख) तथा विभिन्न गांवों (गिरधरपुरा, भीमपुरा, मण्डोला) में इंटरलॉकिंग निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा।
5.92 करोड़ की लागत से बनेंगे 2 नए जीएसएस, होगा विद्युत सुदृढ़ीकरण:
ग्राम पाचड़ा (3.50 करोड़) और निमोदा (2.42 करोड़) में नए 33/11 केवी जीएसएस का शिलान्यास किया जाएगा। इन ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग एवं लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी। नए जीएसएस शुरू होने से आसपास के गांवों को भी सीधा लाभ मिलेगा। कृषि कनेक्शनों को पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध हो सकेगी। जिससे किसानों को सिंचाई कार्य में सहूलियत होगी। साथ ही घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी बेहतर व स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।





