Friday, October 2, 2026
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एआई इंपैक्ट ग्लोबल समिट में मोदी के एस्पिरेशनल इंडिया का हुआ आगाज 

कोटा से डॉ नयन प्रकाश गांधी ने एआई के रूरल ट्रांसफॉर्मेशन ,पब्लिक गवर्नेंस ,स्मार्ट अर्बन स्टडीज में उपयोगिता को गहराई से समझा  

वैश्विक एआई मंच पर भारत की दमदार उपस्थिति, कोटा के डॉ.नयन प्रकाश गांधी ने भारत की एआई मॉडल के नवोन्मेष को बारीकियों से समझा एवं की डेलीगेट के रूप में सक्रिय सहभागिता   

भारत मंडपम समिट में 100+ देशों की भागीदारी, पीएम मोदी के विज़न को मिला वैश्विक समर्थन

हाल ही में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट इंडिया ने भारत को विश्व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेतृत्व के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में राजस्थान के कोटा निवासी युवा प्रबंधन विश्लेषक एवं पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ.नयन प्रकाश गांधी ने डेलीगेट के रूप में सक्रिय भागीदारी करते हुए वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं से संवाद किया।

कोटा से अर्बन प्लानिंग रिसर्चर डॉ नयन प्रकाश गांधी ने एआई के रूरल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन ,पब्लिक गवर्नेंस ,स्मार्ट अर्बन स्टडीज में उपयोगिता को गहराई से समझा।गांधी ने यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के प्रभावशाली नेतृत्व की प्रशंसा करता हुए बताया कि इस समिट में 118 देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष , शासनाध्यक्ष, 59 मंत्री-स्तरीय प्रतिनिधि और 500 से अधिक विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जबकि पाँच दिनों में कुल 5 लाख से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी ने इसे विश्व के सबसे बड़े एआई आयोजनों में स्थान दिलाया ,जिसमें पांचों दिवस में सैकड़ों तकनीकी सत्र हुए ।कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया तथा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय नेता उपस्थित रहे।डॉ. गांधी ने प्रधानमंत्री की एआई नीति के एस्पिरेशनल इंडिया ,ट्रस्ट, टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर आधारित दूरदर्शितापूर्ण दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि यही मजबूत दृष्टिकोण भारत को वैश्विक एआई सहयोग का केंद्र बनाने में मदद करेगा ।

समिट में रिस्पॉन्सिबल एआई, एथिकल गवर्नेंस, कृषि नवाचार, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय सत्र आयोजित हुए, जिनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई सहित वैश्विक टेक कंपनियों व विभिन्न शोध शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया।

राजस्थान तथा केंद्र सरकार का ग्रामीण विकास पंचायती राज पवेलियन विशेष आकर्षण रहे जहाँ एआई आधारित डेटा विश्लेषण, स्मार्ट कृषि सलाह, लाभार्थी चयन पारदर्शिता और पंचायत स्तर की डिजिटल निर्णय प्रणालियों के मॉडल प्रस्तुत किए गए। डॉ. गांधी ने कहा कि ये नवाचार स्पष्ट करते हैं कि एआई केवल शहरी तकनीक नहीं बल्कि ग्रामीण परिवर्तन और सुशासन का शक्तिशाली साधन है, और यदि राज्यों द्वारा इसे योजनाबद्ध रूप से लागू किया जाए तो समावेशी विकास की गति कई गुना बढ़ सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समिट वैश्विक एआई संवाद को नई दिशा देते हुए भारत को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्णायक देश बनाएगा।

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