कोटा/वांछित फाउंडेशन दिल्ली की संस्थापिका एवम् राष्ट्रीय अध्यक्षा, डॉ. सुनीता मेहरोत्रा को सरोजिनी नायडू स्मृति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह आरोग्यम सुखम संपदाम वैश्विक न्यास एवम् सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वधान में ऑडिटोरियम 14 फरवरी को किया गया।
डॉ. सच्चिदानंद शांडिल्य ने अवॉर्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अवॉर्ड राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 पर भारतीय संस्कृत और संस्कृतु से परिपूर्ण अनुकरणीय कौशल के लिए प्रदान किया जाता हैं। डॉ. सुनीता मेहरोत्रा ने अवॉर्ड प्राप्त कर ख़ुशी प्रकट करते हुए आयोजकों को सफ़ल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया ।
डॉ,. सुनीता मेहरोत्रा ने कहा कि प्रमाण पत्र में संस्कृत का एक सुप्रसिद्ध श्लोक है जो मनुस्मृति (३/५६) से लिया गया है। यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः।। उपरोक्त श्लोक का वाचन करते हुए कहा कि यह शलोक महिलाओं के प्रति आयोजकों के सोच को दर्पण हैं। डॉ सुनीता मेहरोत्रा ने श्लोक का अर्थ भी बताया कि जहाँ नारियों (स्त्रियों) की पूजा (सम्मान/आदर) होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं (अर्थात, उस स्थान पर सुख-समृद्धि रहती है)। इसके विपरीत, जहाँ नारी का सम्मान नहीं होता, वहाँ किया गया कोई भी अच्छा कर्म या पूजा-पाठ निष्फल (बेकार) हो जाता है।





