Saturday, February 21, 2026
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कोटा से 18वीं पदयात्रा 1 मार्च को पहुंचेगी सालासर, महापौर राजू भारती व सालासर मित्र मंडल की अगुवाई में निकलेगा जत्था

-श्याम सुंदर शर्मा की विशेष रिपोर्ट

कोटा/सालासर धाम के लिए निकलने वाली 18वीं वार्षिक पदयात्रा इस बार भी पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित की जा रही है। यह पदयात्रा 1 मार्च को सालासर धाम पहुंचेगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए सालासर तक पहुंचेगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

इस पदयात्रा का आयोजन नगर निगम कोटा के महापौर राजू भारती एवं सालासर मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, यह यात्रा कोटा के श्रद्धालुओं के लिए केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही एक आस्था की परंपरा बन चुकी है।

हर वर्ष बढ़ता जा रहा श्रद्धालुओं का कारवां

सालासर धाम के प्रति कोटा और हाड़ौती क्षेत्र के श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। इसी आस्था के चलते यह पदयात्रा हर साल और अधिक व्यापक रूप लेती जा रही है। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, जयकारे, सेवा शिविर और अनुशासन इसकी पहचान बन चुके हैं।

श्रद्धालु पूरे मार्ग में “जय सालासर बालाजी” के जयघोष के साथ आगे बढ़ते हैं। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा जल, अल्पाहार, चिकित्सा सहायता और विश्राम व्यवस्था भी की जाती है।

महापौर राजू भारती व सालासर मित्र मंडल निभाते हैं प्रमुख भूमिका

आयोजन में महापौर राजू भारती की भूमिका प्रमुख बताई जा रही है। वहीं सालासर मित्र मंडल द्वारा यात्रा के संचालन, व्यवस्थाओं, अनुशासन और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी निभाई जाती है।

आयोजकों का कहना है कि यह पदयात्रा भक्ति के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश देती है, क्योंकि इसमें हर वर्ग और हर उम्र के लोग शामिल होकर एक साथ सालासर धाम की ओर कदम बढ़ाते हैं।

1 मार्च को सालासर में होगा भव्य स्वागत

यात्रा के 1 मार्च को सालासर पहुंचने पर श्रद्धालुओं द्वारा धाम में दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं सालासर पहुंचने पर यात्रियों के लिए स्वागत और व्यवस्थाओं की भी तैयारी की जा रही है।

आस्था, अनुशासन और सेवा का संगम

कोटा से निकलने वाली यह 18वीं पदयात्रा अब एक भक्ति उत्सव का रूप ले चुकी है। हर साल इसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, और यह यात्रा कोटा के धार्मिक आयोजनों में एक विशेष पहचान बनाती जा रही है।

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