परिणाम, संवेदनशीलता और संतुलित माहौल के साथ उभरता शिक्षा–संस्कार कोटा कोचिंग मॉडल_
✍️ डॉ. नयन प्रकाश गांधी
जब कोई माता-पिता अपने बच्चे का हाथ थामकर कहते हैं ,“मन लगाकर पढ़ना”,तो उस सपने की मंज़िल अक्सर कोटा होती है। यह शहर केवल कोचिंग का केंद्र नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आशाओं का भरोसेमंद ठिकाना है। यहाँ आने वाला हर छात्र एक रोल नंबर नहीं, बल्कि किसी घर की उम्मीद, किसी पिता का विश्वास और किसी माँ की दुआ लेकर आता है।पिछले दो दशकों में कोटा ने संगठित तैयारी की ऐसी परंपरा विकसित की है, जिसने इसे राष्ट्रीय मानक बनाया। नियमित मूल्यांकन, गहन विश्लेषण, अवधारणा-केंद्रित पढ़ाई और निरंतर अभ्यास,ये सब मिलकर ऐसा शैक्षणिक ढांचा बनाते हैं, जो परिणाम देता है। यही कारण है कि देश के दूर-दराज़ इलाकों से छात्र यहाँ आकर अपनी तैयारी को दिशा देते हैं।
☝️माहौल जो प्रेरित करता है
कोटा की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासित वातावरण है। शांत पुस्तकालय, सेल्फ-स्टडी की संस्कृति, समूह चर्चा, नियमित टेस्ट और उनके बाद आत्मविश्लेषण,नियमित रूप से गुरुजनों का जुड़ाव ये सब छात्रों को बेहतर बनने की प्रेरणा देते हैं। यहाँ प्रतिस्पर्धा है, कटुता नहीं; सीखने की साझेदारी है, अकेलापन नहीं।

☝️होस्टल संस्कृति: घर जैसा सहारा
घर से दूर रहने की चुनौती को कोटा ने संवेदनशीलता से संभाला है। स्वच्छता, संतुलित भोजन, सुरक्षा, स्वास्थ्य जाँच और अभिभावकों से नियमित संवाद,इन व्यवस्थाओं ने विश्वास मजबूत किया है। कई संस्थानों में फैकल्टी और प्रबंधन का छात्रों के साथ सीधा संवाद गुरु-शिष्य परंपरा को जीवित रखता है।
☝️मानसिक स्वास्थ्य पर सजग पहल
बीते समय की चिंताओं से सीख लेते हुए प्रशासन और शिक्षण समुदाय ने ठोस कदम उठाए हैं जिसमें काउंसलिंग, मेंटरिंग और सहयोगी सहायता तंत्र को सुदृढ़ किया गया है। संदेश स्पष्ट है: परिणाम महत्वपूर्ण हैं, पर उससे भी अधिक महत्वपूर्ण छात्र का जीवन और मानसिक संतुलन।
☝️जनविश्वास और नेतृत्व का समर्थन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा को प्रतिभा-निर्माण की प्रयोगशाला बताया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की लघु काशी संज्ञा के साथ ही ,कई बार मन की बात में परीक्षा-दबाव पर संतुलन और आत्मविश्वास का संदेश देकर छात्रों का मनोबल बढ़ाया है। यह समर्थन कोटा जैसे शहरों के प्रयासों को नई ऊर्जा देता है।
☝️अभिभावकों के नाम संदेश
कोटा केवल पढ़ाई नहीं सिखाता; यह संस्कार, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी गढ़ता है। यहाँ कोचिंग, होस्टल और प्रशासन मिलकर परिवार की तरह काम करते हैं। डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ,सर्व प्रतिष्ठित फैकल्टीज और उनका विद्यार्थियों से सीधा जुड़ाव एवं नियमित अंतराल में एक्जाम पैटर्न के अनुरूप टेस्ट की प्रणाली ,सबसे बेहतरीन शैक्षणिक अध्ययन का माहौल कोटा की पहचान है । “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ कोटा आज भी सम्मान, संवेदनशीलता और गरिमा के साथ सपनों को आकार देने के लिए तत्पर है,यही इसकी नई, सकारात्मक पहचान है।

✍️डॉ. नयन प्रकाश गांधी
(अंतरराष्ट्रीय एनएलपी , लाइफ–करियर कोच)





