इटावा/सन्मानपुरा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के अंतर्गत खातोली खण्ड के मंडल सन्मानपुरा में हिंदू महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बगीची वाले कुएं से गाजे-बाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा से हुई, जो सन्मानपुरा की मुख्य गलियों से गुजरते हुए हनुमान मंदिर प्रांगण पर पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई तथा आतिशबाजी से वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा। हनुमान मंदिर पहुंचने पर ग्रामवासियों ने कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के भाई साहब प्रहलाद जी का प्रेरक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में हिंदू जागृति पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “हिंदू जगेगा तो विश्व जगेगा, मानव का विश्वास जगेगा।” उन्होंने देश-विदेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति का मूल्यांकन जाति, भाषा या संपत्ति के आधार पर नहीं होना चाहिए और सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव को समाप्त करना आवश्यक है।
इसके पश्चात कोटा जिला सहकार्यवाह भाई साहब सुरेश जी नामा ने अपने बौद्धिक उद्बोधन में भारत के पुनर्निर्माण की दिशा में “पंच परिवर्तन” की विचार-यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, ‘स्व’ आधारित जीवनशैली और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक निर्माण—ये पांच परिवर्तन व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र उत्थान की आधारशिला हैं। यह प्रयास केवल संगठनात्मक विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना को नई दिशा देने वाला सामाजिक संकल्प है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य बालमुकुंद जी नागर ने की और अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ अध्यापक रवि जी शर्मा ने किया।
आयोजन में समिति के अध्यक्ष बाबूलाल नागर, संयोजक भैरुलाल नागर सहित सत्यनारायण नागर, दिनेश कुमार नागर, बृजमोहन गोचर, मुकुट बिहारी सुमन, धनराज बैरवा, रामरतन मेहरा, ओमप्रकाश मीणा, जोधराज नागर, रामनारायण मीणा, महावीर नागर, हेमंत शर्मा, धनराज मीणा, रामहेत नागर, ललितेश मीणा एवं अन्य पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में कुल 230 महिलाओं और 200 पुरुषों ने सहभागिता की। साथ ही संत शिरोमणि संत हरिनारायण दास जी का आशीर्वाद प्राप्त होने से आयोजन और भी गरिमामय बन गया।






