Tuesday, September 1, 2026
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चम्बल शुद्धिकरण के लिए रंगपुर घाट पर दी आहुतियां

-जितेंद्र कुमार शर्मा

कोटा। मकर संक्रांति पर चम्बल संसद एवं कौशिक गायत्री परिवार बोरखेड़ा आश्रम के तत्वावधान में रंगपुर घाट पर पर्यावरण प्रेमी नागरिकों ने यज्ञ कर आहूतियां दी

इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन आश्रम में आयोजित संगोष्ठी में पर्यावरणविदों ने चम्बल नदी को शोषण, प्रदूषण,और अवैध खनन, शिकार मुक्त करने का संकल्प लिया। चम्बल संसद के संयोजक बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि चम्बल नदी हमारी जीवन रेखा है नदी हर तरफ से संकटापन्न है। करोड़ों रुपए का रिवर फ्रंट बना है लेकिन शुद्धिकरण का काम राजनीति इच्छा शक्ति के अभाव में लम्बित है। संरक्षक यज्ञदत्त हाडा ने कहा कि चम्बल नदी में रंगपुर से कोट हैंगिंग ब्रिज तक सैकड़ों गंदे नाले गिर रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ डा कृष्णेन्द्र सिंह,डा किरण चौधरी ने चम्बल को जलीय जीव जंतुओं का आवास बताया। घड़ियाल कोटा से गायब है। विकास से प्राकृतिक धरोहर नष्ट न हो।अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता डॉ आर सी साहनी ने कहा कि हमें स्वस्थ रहना है तो चम्बल को स्वच्छ रखें। चम्बल सिर्फ घड़ियाल अभ्यारण्य नहीं हमारा पेयजल स्रोत भी हैं। सरकार सुनिश्चित करें कि चम्बल में कोई नाला न गिरे। रामकृष्ण मिशन आश्रम के रमेश कालानी ने कहा कि चम्बल में रेती का खनन लोग अपनी आजीविका के लिए करते हैं अवैध खनन मिलीभगत से होता है। नियंत्रित खनन से समस्या का समाधान हो सकता है। संगोष्ठी में पूर्व पार्षद युधिष्ठिर चानसी, प्रभु लाल साधक,सामाजिक कार्यकर्ता श्याम नामा,मनोज यादव, अर्चना राजावत,एल एल डैनी, पूर्व सरपंच पुष्पेन्द्र कुमार आदि ने विचार व्यक्त किए एवं पर्यावरणविदों का स्वागत किया।

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