Tuesday, June 2, 2026
IMG-20260122-WA0067
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

भजनलाल सरकार की ‘शून्य सहनशीलता’ और पारदर्शी तकनीक से जगी उम्मीद, अब योग्यता ही होगी सफलता की एकमात्र कुंजी

RPSC का कायाकल्प: ‘सिफारिशी राज’ का अंत और ‘मेरिट युग’ का उदय

डॉ. नयन प्रकाश गांधी✍️

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी), जिसे संविधान ने योग्यता और प्रतिभा के चयन का पवित्र मंदिर बनाया था, बीते कुछ वर्षों में ‘सिफारिश’ और ‘सौदागरी’ का अड्डा बनकर रह गया था। बाबूलाल कटारा जैसे प्रकरण और इंटरव्यू में नंबरों की बंदरबांट ने न केवल आयोग की साख को बट्टा लगाया, बल्कि राज्य के लाखों मेहनतकश युवाओं के सपनों को भी छलनी किया। लेकिन, वर्तमान परिदृश्य में सुधार की जो बयार बह रही है, वह उम्मीद की एक नई किरण है। भजनलाल सरकार द्वारा पेपर लीक पर अपनाई गई ‘शून्य सहनशीलता’ जीरो टॉलरेंस की नीति और एसओजी की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अब रसूखदार ‘सिस्टम’ को नहीं चलाएंगे, बल्कि ‘सिस्टम’ रसूखदारों पर भारी पड़ेगा।हालांकि, गिरफ्तारियां केवल फौरी राहत हैं। समस्या की जड़ गहरी है और इसका स्थायी समाधान केवल दंड में नहीं, बल्कि ‘प्रक्रियात्मक सुधारों’ में निहित है। हमें एक ऐसा अभेद्य पारदर्शी तंत्र सुविकसित करना, जहां मानवीय बेईमानी की गुंजाइश ही न बचे।

डॉ गांधी ने दिए सुझाव 🗣️

……….

तकनीकी समाधान: डिजिटल इंटिग्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टम

………

भविष्य में आरपीएससी को ‘पोस्टिंग-प्लेसमेंट एजेंसी’ बनने से रोकने के लिए सबसे प्रभावी हथियार तकनीक है। हमें ‘डिजिटल इंटिग्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ को अपनाना होगा। यह महज एक सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि पारदर्शिता का एक पूरा इकोसिस्टम है।वर्तमान में पेपर सेटिंग से लेकर प्रिंटिंग और सेंटर तक पहुंचने की प्रक्रिया में कई मानवीय कड़ियां हैं, जो लीकेज का कारण बनती हैं। डीआईएमएस के तहत प्रश्नपत्रों को ‘ब्लॉक चेन तकनीक’ या एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ डिजिटल वॉल्ट में रखा जाना चाहिए। पेपर की प्रिंटिंग परीक्षा से चंद मिनट पहले ‘साइलेंट प्रिंटिंग’ या सीधे स्क्रीन पर डिस्प्ले के माध्यम से हो, ताकि पेपर किसी इंसान के हाथ में आने से पहले सीधे अभ्यर्थी की टेबल तक पहुंचे। इस सिस्टम में हर एक्सेस का ‘डिजिटल ट्रेल’ बनेगा, यानी किसने, कब और कहां सिस्टम को लॉग-इन किया, इसका पूरा रिकॉर्ड रहेगा। यदि कोई छेड़छाड़ की कोशिश करेगा, तो सिस्टम रीयल-टाइम में ‘रेड फ्लैग’ अलर्ट जारी कर देगा।

👊ट्रांसपेरेंट कैंडिडेट’ और बायोमेट्रिक कवच

दूसरी बड़ी चुनौती ‘डमी कैंडिडेट्स’ मुन्ना भाई की है। इसका तोड़ ‘आई-बेस्ड फिजिकल वेरिफिकेशन’ में है। केवल आधार कार्ड या फोटो मिलान काफी नहीं है। हमें अभ्यर्थी की पहचान को उसकी आईरिस (आंख की पुतली) और फेस रिकग्निशन से जोड़ना होगा।जब एक अभ्यर्थी फॉर्म भरता है, तभी उसका यूनिक बायोमेट्रिक प्रोफाइल लॉक हो जाना चाहिए। परीक्षा केंद्र के गेट पर,परीक्षा कक्ष के भीतर और चयन के बाद ज्वाइनिंग के समय—तीनों स्तरों पर इसी प्रोफाइल का मिलान हो।ट्रिपल लेयर मॉनिटरिंग से यह सुनिश्चित होगा कि जिस व्यक्ति ने फॉर्म भरा, वही परीक्षा दे रहा है और वही नौकरी ज्वाइन कर रहा है। यह व्यवस्था ‘ट्रांसपेरेंट कैंडिडेट’ की अवधारणा को साकार करेगी।

👊आयोग का ढांचागत शुद्धिकरण

तकनीक के साथ-साथ आयोग की संरचना में नैतिक सुधार अनिवार्य हैं। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन या यूपीएससी की तर्ज पर आरपीएससी में सदस्यों की नियुक्ति ‘राजनीतिक वफादारी’ के बजाय ‘मेरिट’ पर होनी चाहिए। आयोग की गोपनीय शाखाओं को राजनीतिक हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए। साक्षात्कार प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए बोर्ड सदस्यों को भी अंतिम समय तक यह पता नहीं होना चाहिए कि वे किस अभ्यर्थी का साक्षात्कार लेने वाले हैं।

दो वर्षों में 92,000 से अधिक नौकरियां और 1.5 लाख से अधिक प्रक्रियाओं का जारी रहना यह दर्शाता है कि सरकार की मंशा साफ है। 296 परीक्षाओं का निर्विघ्न संपन्न होना इस बात का प्रमाण है कि धुंध छंट रही है।

एक पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट के रूप में मेरा मानना है कि यह समय युवाओं के लिए अवसाद का नहीं, बल्कि आक्रामक रूप से तैयारी करने का है,मेहनत और जुनून के हथियार से ,निरंतर अध्ययन एवं धैर्य ,आत्मविश्वास के साथ सफलता पाने का। सरकार अपना काम कर रही है, सिस्टम सुधर रहा है। अब गेंद युवाओं के पाले में है। वे दिगभ्रमित हुए बिना, अपने गुरुओं के मार्गदर्शन में तैयारी में जुट जाएं। यदि यह राजनीतिक इच्छाशक्ति और तकनीकी सुधार इसी गति से लागू रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब राजस्थान का भर्ती मॉडल पूरे देश के लिए नजीर बनेगा।

(लेखक डॉ. नयन प्रकाश गांधी, आईआईपीएस मुंबई विश्वविद्यालय के एलुमनाई और पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट हैं)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles