Tuesday, June 2, 2026
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चंबल प्रदूषण मुक्त हो यह सुनिश्चित किया जाए- चम्बल संसद 

अभ्यारणय कानून से मुक्ति के बाद चम्बल संसद बैठी

बृजेश विजयवर्गीय, संवाददाता मयूर टाइम्स न्यूज

कोटा 6 जनवरी। चंबल नदी को राष्ट्रीय घड़ियाल अभ्यारण से मुक्त किए जाने के बाद चंबल संसद की बैठक में सदस्य गणों ने केंद्र एवं राज्य सरकार से आग्रह किया कि नदी को डिनोटिफाई करने के बाद ही सुनिश्चित किया जाए कि चंबल में एक भी गंदा नाला ना गिरें और इसको पूर्णतया प्रदूषण मुक्त किया जाए।

चंबल संसद ने प्रधानमंत्री, लोकसभाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री महोदय को ज्ञापन के माध्यम से बताया जाएगा कि अपस्ट्रीम चंबल को प्रदूषण मुक्त करने की आवश्यकता क्यों है, इस नदी के जिस भाग को डिनोटिफाई किया गया है जो कि कोटा का पेयजल स्रोत भी है यदि उसमें गंदे नाले गिरते रहेंगे तो इंदौर जैसी कोटा में भी हो सकती है। शहरी विकास मंत्री को चंबल की अपस्ट्रीम में भी सशक्त एवं कारगर ट्रीटमेंट प्लांट प्रणाली को स्थापित करना होगा।

इसी के साथ चंबल संसद पर्यावरण गतिविधियों के तहत चंबल अभियान चलाएगी इसमें शहर के जन प्रतिनिधियों और संत समाज को भी चंबल प्रदूषण से अवगत कराया जाएगा स्मार्ट सिटी के लिए चंबल का प्रदूषण होना एक कलंक है। जब हम पर्यटन विकास के लिए बड़े-बड़े प्रयास कर रहे हैं तो प्रदूषित चंबल के रहते कैसे पर्यटन का विकास होगा, इसके बारे में राज्य सरकार और केंद्र सरकार को प्रयास करने होंगे। आश्चर्य है कि सरकार ने चंबल को उपेक्षित रखा हुआ है जो कि चिंता का विषय है ‌

चंबल संसद के अध्यक्ष कुंज बिहारी नंदवाना व संयोजक बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जिस तत्परता से यह प्रयास किया है उनकी सराहना की जानी चाहिए। लेकिन चंबल को भी डिनोटिफाई करने के बाद बैराज से ऊपर की चंबल में जो व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेगी और जंगल खत्म होगा उसे पक्ष को भी ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को पाबंद करना होगा की चंबल की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए उसके जीव जंतुओं को किसी प्रकार की हानि ना हो तथा किसी भी प्रकार का वैध और अवैध खनन वहां पर ना हो‌ संरक्षक समाजसेवी जीडी पटेल, यज्ञदत्त हाडा,डा अमित सिंह राठौड़, वन्यजीव विशेषज्ञ डा कृष्णेन्द्र सिंह,संसद की उपाध्यक्ष अनिता चौहान,डा विनीत महोबिया, लोक अधिकार मंच के अध्यक्ष शंकर आसकंदानी,इंटेक सदस्य अनिल शर्मा, ज्योति सक्सेना आदि ने विचार व्यक्त किए कि अब चम्बल को बचाने की ज्यादा आवश्यकता है। संयोजक बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधि मंडल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंट कर चंबल की चिंता से उन्हें अभी अवगत कराएगा।

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