जयपुर/जयपुर में जेम्स एंड स्टोन (रत्न) कारोबारी से 12 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 63 साल के इस बिजनेसमैन ने आदर्श नगर थाना क्षेत्र से संचालित साइबर क्राइम थाने (SOG) में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। आरोपियों ने गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर पीड़ित को जाल में फंसा लिया और WhatsApp लिंक के जरिए पूरे 12 करोड़ रुपए हड़प लिए।
कैसे शुरू हुई ठगी?
पीड़ित के अनुसार, सिलसिला 25 सितंबर को एक WhatsApp मैसेज से शुरू हुआ।
मैसेज में गोल्ड ट्रेडिंग के हाई रिटर्न का झांसा दिया गया था।
एक लिंक भेजकर कहा गया कि इस प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग करके रोज़ाना अच्छा लाभ मिलेगा।
शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर विश्वास जगाया गया।
28 दिनों तक चलती रही चाल
लगातार लगभग 28 दिन तक पीड़ित निवेश करता रहा।
हर बार झूठा प्रॉफिट दिखाकर उसे और निवेश करने को प्रेरित किया गया।
जब रकम बड़ी हो गई, तब पीड़ित ने पैसे वापस निकालने की कोशिश की।
विड्रॉल के नाम पर अतिरिक्त वसूली
जब कारोबारी ने विड्रॉल के लिए रिक्वेस्ट डाली, ताे कंपनी ने कहा—
“आपके प्रॉफिट पर टैक्स कटेगा, पहले टैक्स जमा करवाएं।”
टैक्स के नाम पर भी करोड़ों रुपए वसूले गए।
हर बार नए बहाने बनाकर और पैसे मांगे गए।
आखिरकार हिसाब किताब दिखाकर फिर पैसा देने से इंकार कर दिया गया।
कंपनी ने संपर्क तोड़ा, नंबर ब्लॉक
जब कारोबारी ने बार-बार कॉल व मैसेज किए, तो कोई जवाब नहीं मिला।
बाद में WhatsApp और मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए गए।
उस समय पीड़ित को समझ आया कि वह बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है।
एसओजी साइबर क्राइम ने दर्ज किया मामला
पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत SOG साइबर क्राइम थाने में दर्ज करवाई।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ठग विदेशी व स्थानीय नंबरों का उपयोग कर रहे थे।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म भी फर्जी सर्वर पर चलाया जा रहा था।
पुलिस अब भुगतान के रास्तों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।
गोल्ड ट्रेडिंग स्कैम कैसे काम करता है?
इस तरह के साइबर क्राइम में ठग आमतौर पर—
WhatsApp/Telegram पर लिंक भेजते हैं
फर्जी ट्रेडिंग ऐप/वेबसाइट पर अकाउंट बनवाते हैं
शुरुआती मुनाफा दिखाकर लालच बढ़ाते हैं
बाद में टैक्स, सर्विस चार्ज, प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं
अंत में पूरा प्लेटफॉर्म गायब कर देते हैं
विशेषज्ञों की सलाह
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
गोल्ड ट्रेडिंग केवल RBI/SEBI मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर ही करें
हाई रिटर्न का लालच साइबर जाल का पहला संकेत होता है
बड़ी राशि के लेन-देन में कंपनी की वैधता 100% जांचें
ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें
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