Friday, September 18, 2026
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कठपुतलियों से विज्ञान–गणित की अनूठी मिसाल: सर जे.सी. बोस की 167वीं जयंती पर छठीं वर्षगांठ समारोह सम्पन्न

कोटा। कठपुतलियों के माध्यम से विज्ञान व गणित को जन-जन तक पहुँचाने वाले दुनिया के एकमात्र इंटरनेशनल साइंस–मैथ पपेट्री फिल्म फेस्टिवल की छठी वर्षगांठ सर जगदीश चंद्र बोस की 167वीं जयंती के अवसर पर मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन नेशनल काउंसिल ऑफ रिसर्च टीचर साइंटिस्ट इंडिया, नेशनल काउंसिल ऑफ स्टूडेंट साइंटिस्ट और त्रिपुरा की प्रतिष्ठित विज्ञान संस्था दासा इंडिया द्वारा किया गया।

कोटा राजस्थान से विशेष रूप से आमंत्रित बिगुल कुमार जैन ने समारोह में भाग लिया और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का आभार जताते हुए कहा कि “दूर-दराज़ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रसार हेतु कार्य करने वालों को सम्मानित करना प्रेरणादायक है।”

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक अंजन बनिक द्वारा तैयार इस अनूठी पहल को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। अंजन बनिक को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से नेशनल अवार्ड फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन 2022 से सम्मानित किए जाने पर विशेष बधाई दी गई।

इग्नू के प्रो. निराधार डे, इसरो वैज्ञानिक देवाशीष गोस्वामी, नीरा चतुर्वेदी, भारत भाई छनियारा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रभाकर शर्मा तथा हांगकांग से डॉ. काव्यांजली शुक्ला सहित कई विशेषज्ञ समारोह से जुड़े।

छह वर्षों में कठपुतली आधारित विज्ञान-शिक्षा पर 8 शोध पत्र प्रकाशित होना इस पहल की बड़ी उपलब्धि है। जम्मू-कश्मीर सहित देशभर के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों ने शिक्षकों व विद्यार्थियों से इस नवाचार को और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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