Monday, September 7, 2026
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कोटा में ‘कविता थेरेपी’ नवाचार : रेलवे अस्पताल में कविता सुनकर मुस्कुराए 202 मरीज

कोटा। चिकित्सा और साहित्य के अनोखे संगम ने रेलवे मंडल चिकित्सालय कोटा में एक अभिनव पहल को जन्म दिया है। दशहरा, तीज और बड़े त्यौहारों पर होने वाले कवि सम्मेलनों की तर्ज पर अब मरीजों के स्वास्थ्य लाभ के लिए कविताओं का सहारा लिया जा रहा है। इसे ‘कविता थेरेपी’ नाम दिया गया है, जो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह अनोखा कार्यक्रम 29 अक्टूबर 2025 से लगातार संचालित किया जा रहा है। इसे श्री हिंदी साहित्य समिति कोटा, राजभाषा विभाग पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल तथा मंडल रेलवे चिकित्सालय के संयुक्त प्रयासों से आरंभ किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष डॉ. रघुराज सिंह कर्मयोगी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुपर्णा सेन राय कर रही हैं। इस नवाचार में डॉ. सुषमा भटनागर, डॉ. बी. पांडा और डॉ. राजन गुप्ता का सक्रिय सहयोग मिल रहा है।

कविता थेरेपी से मरीजों के चेहरों पर मुस्कान लौटती है, उनका मूड बदलता है और माहौल सकारात्मक बन जाता है। चिकित्सकों का मानना है कि मानसिक सुकून और खुशी मरीजों को जल्दी ठीक होने में मदद करती है। कार्यक्रम की सराहना करते हुए अपर मंडल राजभाषा अधिकारी राजकुमार प्रजापत ने कहा कि यह प्रयास मरीजों में ऊर्जा भरने के साथ-साथ कोटा मंडल में राजभाषा संवर्धन को भी बढ़ावा देता है।

अब तक कविता थेरेपी के अंतर्गत रेलवे अस्पताल के सभी वार्डों में 202 मरीजों को कविताएं सुनाई जा चुकी हैं। इसमें कवि रघुराज सिंह कर्मयोगी, दीनानाथ त्रिपाठी, महेश पंचोली, कमलेश कमल, खुशीराम सिंह चौधरी, देशबंधु पांडे, रामकरण प्रभाती, दीपक शर्मा, राजेश बाजपेयी और बालू लाल वर्मा शामिल रहे। कवियों ने हास्य-व्यंग्य, श्रृंगार, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सरोकारों और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कर मरीजों और तीमारदारों को खूब गुदगुदाया।

कार्यक्रम की सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से जब आदरणीय मंडल प्रबंधक अनिल कालरा तक पहुंचाई गई, तो उन्होंने भी इस नवाचार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे सराहनीय कदम बताया।

 

 

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